सिवाया टोल प्लाजा पर जाम लगने का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है। सप्ताह में तीन से चार दिन जाम रहने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जाम को खुलवाने के लिए टोल कर्मियों के भी पसीने छूट रहे है। एनएचएआई के नियमनुसार जाम नहीं लगना चाहिए।
सिवाया टोल प्लाजा पर 12 लेन है। इनमें छह लेन आने के लिए और छह लेन जाने के लिए हैं। यदि कोई वीआईपी गाड़ी या फिर एंबुलेंस आ जाए तो टोलकर्मी उसे आनन-फानन में निकलवा देते है, जबकि अन्य वाहन जाम में ही फंसे रहते हैं। पिछले दो तीन माह से टोल पर जाम लगने का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है। सप्ताह में तीन से चार दिन जाम लगने से टोल के इंतजाम ध्वस्त हो रहे हैं। रविवार को फिर से टोल पर जाम लग गया। गर्मी के बीच वाहनों को निकालने में टोल कर्मियों के पसीने छूट गए। शाम के समय याताया सामान्य होने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली। जाम के चलते कुछ वाहन भराला सिवाया मार्ग से निकले तो वहां पर भी जाम लग गया।
टोल पर नहीं लगना चाहिए जाम
एनएचएआई के नियमानुसार टोल प्लाजा पर जाम नहीं लगना चाहिए। यदि जाम दो-तीन मिनट से ज्यादा देर तक रहता है तो नियमानुसार टोल को फ्री करना चाहिए। सिवाया टोल प्लाजा पर ऐसे नियमों की अनदेखी की जा रही है।