हस्तिनापुर। सालों पहले पांडव नगरी में पाकिस्तान से आकर बसे सैकड़ों हिंदू बंगाली और अन्य स्थानों से परिवार सरकारी दस्तावेज नहीं होने से सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित थे। इनके पास न तो अपने जमीन का मालिकाना हक था और न ही कोई अन्य सरकारी सबूत। नगर पंचायत चेयरपर्सन ने मुख्यमंत्री तक यह मामला पहुंचाया तो शासन स्तर से इन परिवारों को कर के दायरे में लाकर टैक्स लगाने की अनुमति मिली। पंचायत ने सर्वे कर फिलहाल 7400 परिवारों को चिंह्ति किया है। इन सभी परिवारों को कस्बे की न्यू ब्लॉक में भव्य समारोह का आयोजन कर इनके मकान की रसीद दी जाएगी। जिसके बाद इन परिवारों का सालों पुराना सपना पूरा होगा और पांडव नगरी वासी होने का सरकारी सबूत मिलेगा। इसके बाद यह सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के दायरे में शामिल हो जाएंगे।
नगर पंचायत की चेयरपर्सन सुधा खटीक ने बताया कि 6 फरवरी 1949 को जब हस्तिनापुर को पुनर्स्थापित करने के लिए नीव रखी गई थी। उसके बाद से आज तक पूर्वी पाकिस्तान से काफी संख्या में लोग आए आए लोगों के पास पुख्ता दस्तावेज नहीं थे। उनके पास उनके घरों का मालिकाना हक भी नहीं था। इस वजह से इन लोगों के न तो मूल निवासी प्रमाण-पत्र नहीं बन पा रहे थे। सरकारी योजनाओं के लाभ से भी यह लोग वंचित थे। नौकरी भी उन्हें नहीं मिल पा रही थी। यह लोग काफी लंबे समय से इसे लेकर परेशान थे। बिजली का कनेक्शन तक नहीं मिल रहा था। चेयरपर्सन बनने के बाद यह मामला उनके संज्ञान में आया तो उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया। जिस पर शासन स्तर से ऐसे लोगों को गृह कर के दायरे में लाने की अनुमति दी गई।
इसके बाद नगर पंचायत ने अभियान चलाकर नियम पूरे करने वाले लोगों को चिंह्ति किया। कुल 7400 लोगों को अभी तक चिंह्लित किया गया है। जिन्हें बृहस्पतिवार को भव्य कार्यक्रम का आयोजन करके मकान की रसीद दी जाएगी। अब उनके पास अपने मकान का सरकारी दस्तावेज होगा और सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए पात्र हो जाएंगे। चेयरपर्सन ने बताया कि बृहस्पतिवार को न्यू ब्लॉक कॉलोनी में इसके लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया है जिसमें कस्बे के सभी लोगों को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम में उन्हें रसीद दी जाएगी।
वर्जन
नगर पंचायत में कुल 15 वार्ड हैं जहां पर अधिकतर ऐसे लोग रहते हैं जिनके घरों पर गृह कर नहीं है लंबे समय से मांग कर रहे थे। अब सत्यापन के बाद उनके घरों पर गृह कर लगाया जाएगा इसकी शुरुआत बृहस्पतिवार से होगी। इससे कस्बे के लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा।
सुधा खटीक, चेयरपर्सन नगर पंचायत हस्तिनापुर
10 साल में सिर्फ 5 लोगों को मिला पीएम आवास योजना का लाभ
हस्तिनापुर। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी की शुरुआत 25 जून 2015 को हुई थी। जिसका उद्देश्य शहरों में हर परिवार को किफायती आवास प्रदान करना है लेकिन सरकारी योजना ऐतिहासिक नगरी में दम तोड़ रही है। 10 साल में केवल पांच लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है, हजारों लोग अभी इस योजना के इंतजार में है। हालांकि अब गृह कर के दायरे में आने पर पीएम आवास योजना का रास्ता भी साफ हो जाएगा।
सालों से बसे लोगों के पास नहीं थे दस्तावेज
कस्बे के सभी 15 वार्ड रहने वाले हजारों लोगों के पास उनके घरों की जमीन के ही कोई दस्तावेज नहीं थे। जिन्हें यह डर सताता था कि प्रशासन उन्हें कभी भी हटा सकता है। परंतु अब योगी सरकार में उन लोगों के घरों पर सत्यापन के बाद गृह कर लगाने की नगर पंचायत की तैयारी चल रही हैं।
इस तरह चलेगा सत्यापन
गृह कर के लिए नगर पंचायत की टीम लगाई गई है। जिनकी द्वारा सर्वे में जो भी जानकारी जुटाई जाएगी। उस रिकाॅर्ड को पुराने रिकाॅर्ड से मिलाया जाएगा। इसमें यह पता चल जाएगा कि जो परिवार जमीन पर रह रहा है। वह मालिकाना हक देने के लिए पात्र है या नहीं।