मेरठ। तंबाकू को धीमा जहर कहा जाए तो गलत नहीं होगा। तंबाकू के सेवन से कैंसर, लिवर, हृदय और सांस के रोगी बन रहे हैं। खासकर, युवाओं में सीगरेट पीने से सोचने की क्षमता पर भी फर्क पड़ता है। अधिक सेवन करने की वजह से मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा शरीर के फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है।
स्टाइलिश दिखने के लिए युवा अधिक तंबाकू और गुटखा का सेवन करने लगे हैं। तंबाकू के सेवन से ब्लड प्रेशर बढ़ने के साथ ब्रेन स्ट्राेक, मुंह का कैंसर और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज दंत चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. अनामिका शर्मा बताती हैं कि तंबाकू के धुएं में 7000 से अधिक रसायन होते हैं, जिनमें 70 कैंसर का कारण बनते हैं। सांस की समस्या युवाओं में अधिक होने लगी है। साथ ही युवाओं में दिमाग की तंत्र कोशिकाओं पर असर पड़ा है।
- सिगरेट के धुएं से ये नुकसान
1 सांस की बीमारी होने की संभावना रहती है
2 धुएं के चलते फेफड़े खराब हो जाते हैं
3 लोगों को दमा की बीमारी हो जाती है
तंबाकू से ये नुकसान
- मुंह के अंदर छाले पड़ने से खाना खाने में दिक्कत आती है
- पान या अन्य तंबाकू का उपयोग करने से मुंह का कैंसर हो जाता है
- मुंह कम खुलने से खाना खाने में दिक्कत आती है
- पेट में अल्सर होने की संभावना रहती है। पेट का कैंसर हो सकता है
वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. उमंग मित्थल का कहना है कि तंबाकू के 250 प्रकार हैं और किसी प्रकार के तंबाकू में पांच से सात हजार तक हानिकारक रासायनिक तत्व मौजूद होते हैं। जिनमें से 30 से 70 रसायन कैंसर करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने बताया कि एक अनुमान के मुताबिक मेरठ जिले में हर माह करीब 80 से 100 नए कैंसर के मरीज आते हैं। इसमें 40 से 50 तंबाकू उत्पाद के कारण कैंसर से पीड़ित होते हैं। 75 प्रतिशत लोगों को 14 से 15 साल की उम्र में यह लत लग जाती है।