चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने ग्रेजुएशन कोर्स में एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पर शुक्रवार को अधिकारिक मुहर लगा दी। प्रवेश समिति की बैठक में रजिस्ट्रेशन की डेट और नियम तय किए गए। एडेड और राजकीय कॉलेजों में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 12 जून से शुरू होगी और 27 जून तक चलेगी। सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में रजिस्ट्रेशन 28 जून से 15 जुलाई तक होंगे। प्रोफेशनल कोर्स में 16 जुलाई से 23 जुलाई तक पंजीकरण होंगे।
प्रवेश समिति ने सत्र 2016-17 में प्रवेश को लेकर चर्चा की। कुलपति की अध्यक्षता में हुई बैठक में नियमों पर चर्चा हुई। रजिस्ट्रेशन शुरू करने से पहले विवि सात, आठ और नौ जून को कॉलेजों के प्रिंसिपल के साथ बैठक करेगा।
सात जून को एडेड, राजकीय और अल्पसंख्यक कॉलेजों के प्रिंसिपल के साथ बृहस्पति भवन में बैठक होगी। आठ और नौ जून को सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के प्रिंसिपल और निदेशकों के साथ बैठक होगी। बैठक में कंप्यूटर ऑपरेटर को बुलाया गया है।
एडमिशन में सीटों पर 90 प्रतिशत कोटा यूपी के छात्रों का होगा और 10 प्रतिशत कोटा अन्य राज्यों के छात्रों का होगा। कुलपति के पास 33 प्रतिशत सीट बढ़ाने का अधिकार है। एकमुश्त यह सीट बढ़ा दी गई हैं। पहली मेरिट बढ़ी हुई सीटों पर ही आएगी। छात्रों और कॉलेजों के लिए अलग-अलग हेल्प लाइन नंबर और ईमेल जारी की जाएगी। विवि में भी चल रहे यूजी कोर्स के साथ ही रजिस्ट्रेशन होंगे।
चार्ज वही, कूपन बंद
रजिस्ट्रेशन का चार्ज नहीं बढ़ाया गया है। ई कूपन की व्यवस्था इस साल विवि ने बंद कर दी है। 100 रुपये में आवेदक तीन कॉलेजों में रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। एडेड और राजकीय कॉलेजों में एडमिशन नहीं होता तो रजिस्ट्रेशन बेकार नहीं जाएगा। रजिस्ट्रेशन सेल्फ फाइनेंस में ट्रांसफर हो सकेगा। कैंडीडेट अपनी लॉगिन आईडी से यह काम कर सकेगा।
दो मोबाइल नंबर देने होंगे
रजिस्ट्रेशन में अहम बदलाव यह किया गया है कि कैंडीडेट को अब एक की जगह दो मोबाइल नंबर देने होंगे। दरअसल मेरिट की सूचना विवि कैंडीडेट्स को मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से देता है। कैंडीडेट साइबर कैफे संचालक और अन्य किसी का नंबर भर देते हैं।
उन तक मैसेज नहीं पहुंचता। यह शिकायतें काफी आई हैं। समय पर सूचना नहीं मिलने की वजह से एडमिशन से वंचित हो जाते हैं। इस बार दो नंबर देने होंगे और वह परिवार के सदस्यों के होने चाहिए।
यूपी बोर्ड का कोटा किया कम
विवि ने इस बार यूपी बोर्ड के कोटे में 10 प्रतिशत की कटौती की है। पिछले साल तक सीटों पर 70 प्रतिशत एडमिशन यूपी बोर्ड और 30 प्रतिशत एडमिशन अन्य बोर्ड के होते थे। इस बार 60 प्रतिशत एडमिशन यूपी बोर्ड और 40 प्रतिशत एडमिशन अन्य बोर्ड के होंगे।
विवि का तर्क है कि यूपी बोर्ड में भी अब छात्रों के अच्छे नंबर आ रहे हैं। परसेंटेज में ज्यादा फर्क नहीं रहा। वह धीरे-धीरे इसे बराबर करना चाहते हैं। वैसे मेरिट में बोर्ड के नंबर समान करने के लिए नार्मलाइजेशन फैक्टर लगाया जाता है। यूपी बोर्ड का कोटा कम करने पर विवि को विरोध झेलना पड़ सकता है।
एडमिशन के लिए डीयू का इंतजार
विवि पहली मेरिट जारी करने से पहले दिल्ली विवि के एडमिशन का इंतजार करेगा। एडेड और राजकीय कॉलेजों की पहली मेरिट जुलाई के पहले सप्ताह में जारी की जाएगी। विवि डीयू की प्रक्रिया को वॉच करेगा। मेरठ के अच्छे छात्रों ने डीयू में भी अप्लाई किया है।