तितावी चीनी मिल पर रालोद कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को डेरा डाल लिया। बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर
अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। किसानों ने मिल के मुुख्य गेट पर ताला लगाकर चीनी मिल की शीरे और चीनी की सप्लाई भी बंद कर दी। रालोद ने चेतावनी दी है कि जब तक किसानों का गन्ना भुगतान नहीं हो जाता कार्यकर्ताओं का आंदोलन लगातार चलता रहेगा।
तितावी चीनी मिल पर किसानों का बीते वर्ष का 60 करोड़ 78 लाख और इस वर्ष का 127 करोड़ रुपया बकाया है। बीते वर्ष का भी भुगतान न होने से किसान आर्थिक संकट से जूझ रहा है। किसानों की पीड़ा को देखते हुए रालोद ने चीनी मिल के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। रालोद कार्यकर्ताओं ने चीनी मिल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया।
इससे मिल की शीरे और चीनी की सप्लाई बंद हो गई है। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अजीत राठी ने कहा कि यह किसानों के सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई है। पैसा होते हुए भी किसान आज आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा है। रालोद ऐसी स्थिति में चुप नहीं बैठ सकती। जब तक किसानों का भुगतान नहीं हो जाता, रालोद का धरना चलता रहेगा।
पूर्व मंत्री धर्मवीर बालियान, योगराज सिंह ने कहा कि किसान के सब्र का बांध टूट रहा है। चीनी मिलें जान-बूझकर किसान की परीक्षा ले रही है। किसानों पर जो कर्ज है, उसमें किसी तरह की कोई रियायत नहीं दी जाती। किसानों का जो पैसा चीनी मिलों पर पड़ा है, उसका समय से भुगतान नहीं किया जा रहा है। किसान के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा।
पूर्व विधायक राजपाल बालियान ने कहा कि आज किसान के पास अपने बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराने के लिए पैसे नहीं है। इस बार का छोड़िए पिछले साल का भुगतान भी नहीं हुआ है। चीनी के दाम भी बढ़ चुके हैं, चीनी मिलें घाटे में भी नव्हीं हैं। ऐसे हालत में किसान क्या करे। अध्यक्षता यशपाल करवाड़ा और संचालन अजीत राठी ने किया। धरने पर राजीव लाटियान, मांगेराम, बाबू सिंह, ठाकुर अरुण सिंह, श्रीराम तोमर, सुधीर भारतीय, संजय राठी, विदित मलिक, सहदेव, डॉ हरेंद्र ने भी विचार रखे।