बृहस्पतिवार को मौका सहारनपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली का था तो नेताओं की निगाहें आगामी विधानसभा चुनाव के टिकट पर रहीं। रैली में जाने से पहले जहां शक्ति प्रदर्शन का दौर चला तो भगवा खेमे की बड़े सलीके से खातिरदारी की गई। एक-एक कार्यकर्ता बस में सहेजकर बैठाया गया।
सिवाया टोल प्लाजा के पास भगवती कॉलेज पर सुबह दस बजे से ही कार्यकर्ताओं का हुजूम जुटना शुरू हो गया था। टेंट लगाकर बैठे सांसद राजेंद्र अग्रवाल, भाजपा विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, पूर्व विधायक अमित अग्रवाल, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, क्षेत्रीय मंत्री संजीव जैन सिक्का, कमल दत्त शर्मा समेत दर्जनों नेताओं की अग्निपरीक्षा रही। सभी नेता अपने-अपने क्षेत्र की बसों और कार्यकर्ताओं को अधिक से अधिक दिखाने की होड़ में थे। बस को रोककर उस पर महानगर और जिले का स्टीकर लगाया जा रहा था।
उनके भोजन-पानी के प्रबंध के साथ मां शाकुंभरी देवी के दर्शन कराने का भी प्रलोभन दिया जा रहा था। भगवा रंग में रंगे कार्यकर्ता जोश के साथ रैली के लिए रवाना हो रहे थे। सभी नेता अपने-अपने क्षेत्र से अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं के पहुंचने के दावे कर रहे थे। शक्ति प्रदर्शन के बाद ही सभी नेता वहां से रवाना हुए।
बस में किया कीर्तन
कंकरखेड़ा से महिला मोर्चा की पदाधिकारी सरला शर्मा के नेतृत्व में एक बस भरकर महिलाएं पहुंचीं। रैली में जाने के लिए महिलाओं ने बस में भजन कीर्तन की भी व्यवस्था कर रखी थी।
मटौर गांव में भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री सतेंद्र भराला और जिला पंचायत सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला ने सिवालखास के कार्यकर्ताओं को खाने की व्यवस्था के साथ भेजा। भगवती कॉलेज पर राजू रस्तोगी द्वारा कार्यकर्ताओं के लिए नाश्ते की व्यवस्था की गई।
भाजपा क्षेत्रीय मंत्री संजीव जैन सिक्का के नेतृत्व में मोदीपुरम कंकरखेड़ा क्षेत्र से बसें भरकर रैली में पहुंची। भराला गांव से भाजयुमो जिला मंत्री मनिंदर विहान के नेतृत्व में दो बसें रैली में गई। पल्लवपुरम मंडलाध्यक्ष विक्रांत ढाका, गौरव चौहान, भाजपा जिलाउपाध्यक्ष समीर चौहान आदि भी बसों को लेकर कार्यकर्ता के साथ रैली में रवाना हुए।
समर्थकों संग रवाना हुए
कैंट विधानसभा क्षेत्र से युवा नेता संदीप एल्फा भी अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ प्रधानमंत्री की सहारनपुर रैली में रवाना हुए।
यात्री रहे परेशान, रोडवेज को फायदा
प्राइवेट और डग्गामार बसों के प्रधानमंत्री मोदी की सहारनपुर रैली में जाने से जहां यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं रोडवेज को फायदा हुआ। डग्गामार बसों के रैली में जाने से रोडवेज बसों में अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली।
भाजपाइयों ने मेरठ से रैली के लिए 110 बस ले जाने का दावा किया था। इसके लिए विभिन्न रूटों पर चलने वालीं प्राइवेट और डग्गामार बसों को भी हायर किया था। प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने रूटों से बसों को काटकर मुहैया कराई थीं।
बृहस्पतिवार को बसों के रैली में जाने के चलते रूटों पर बस कम पड़ गई। इसके चलते मवाना, परीक्षितगढ़, किठौर, हापुड़ और बुलंदशहर आदि रूटों पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रैली में दिल्ली, मुरादाबाद और बिजनौर आदि रूटों पर चलने वालीं डग्गामार बसें भी गई थीं। इसका फायदा रोडवेज को मिला।
डग्गामार बसों के चलते रोडवेज को रोजाना लाखों रुपये की चपत लगती है। रूट पर डग्गामार बसें कम होने से रोडवेज बसों में अच्छी-खासी भीड़ रही। भैसाली डिपो के एआरएम अनिल अग्रवाल और मेरठ डिपो के एआरएम संदीप अग्रवाल ने बताया कि डग्गामार बसें रोडवेज की कमाई पर डाका डाल रही हैं। शिकायत के बाद भी पुलिस और परिवहन विभाग इन पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है।
जुलूस के रुप में हुए रवाना
कंकरखेड़ा। सहारनपुर रैली में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व महामंत्री आफाक सैफी के नेतृत्व में इमरान सैफी, मौ. आसिफ, तमसीर चौहान, सलीम सैफी, इरशाद सैफी, रंगरेज, मोनू चौधरी, जावेद अंसारी, साजिद सैफी, जिशान अहमद आदि सैकड़ों मुस्लिम कार्यकर्ता नंगलाताशी से रवाना हुए।