कोर्ट ने तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
एक आरोपी की मुकदमे की सुनवाई के दौरान हो गई थी मृत्यु
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। सरधना थाना क्षेत्र के बहुचर्चित अवैध हथियार रखने के 32 वर्ष पुराने मामले में अदालत ने फैसला सुनाते हुए अभियुक्त रमेश को दोषी करार दिया है। न्यायिक दंडाधिकारी सरधना रजत शुक्ला की अदालत ने मुकदमे की सुनवाई पूरी करते हुए दोषी को तीन वर्ष साधारण कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को 10 दिन अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
20 जून 1993 को सरधना थाना पुलिस सलावा गांव के जंगल में गश्त पर थी। तभी मुखबिर की सूचना पर कुशावली चुंगी स्थित उत्तम सिंह के नलकूप पर छापा मारा गया। यहां तमंचे बनाते हुए सलावा निवासी उत्तम सिंह और रमेश को गिरफ्तार किया गया था। तलाशी के दौरान उनके पास से बने और अधबने तमंचे व इन्हें बनाने का सामान बरामद हुआ था। उसके खिलाफ थाना सरधना में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। उत्तम सिंह की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई थी। करीब तीन दशक तक चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुख्ता साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर रमेश की संलिप्तता साबित की। अदालत ने माना कि अभियुक्त का कृत्य आयुध अधिनियम की धारा 5/25 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। अदालत ने रमेश को दोषी पाए जाने पर सजा सुनाई।