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Meerut News: संशोधित खबर.... स्कूल बस ने तीन साल के बच्चे को कुचला, मौत

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- दादी के साथ बहन को स्कूल बस में बैठाने आया था मासूम
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- परिजनों और ग्रामीणों का परीक्षितगढ़ थाने पर हंगामा
- थाने के सामने शव रखकर जाम लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
परीक्षितगढ़ (मेरठ)। गांव आलमगिरपुर बढ़ला में भावना इंटरनेशनल स्कूल बस से कुचलकर तीन साल के बच्चे नवनीत की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा बस चालक की लापरवाही से हुआ। घटना के बाद चालक बस लेकर मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद ग्रामीण पीड़ित परिजनों के साथ बच्चे का शव लेकर थाने पहुंचे। उन्होंने चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दो घंटे तक कार्रवाई न होने पर परिजनों और ग्रामीणों ने बच्चे के शव के साथ थाने के सामने सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। बाद में भाकियू जिलाध्यक्ष की मौजूदगी में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। बाद में पिता प्रिंस की तहरीर पर बस के अज्ञात चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
गांव आलमगिरपुर बढ़ला निवासी प्रिंस की सात वर्षीय पुत्री जसमीत कस्बे के भावना इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा दो में पढ़ती है। बृहस्पतिवार को स्कूल की बस आसपास के गांवों से बच्चों को लेकर गांव आलमगिरपुर बढ़ला में 7: 50 बजे पहुंची। जहां दादी उर्मिला छात्रा जसमीत को लेकर बस में बैठाने के लिए गई। इस दौरान छात्रा का भाई नवनीत (3) पीछा करते हुए बस के आगे आ गया। बस चालक अनिल व परिचालक प्रमोद की लापरवाही के चलते नवनीत बस के अगले पहिए के नीचे आने से मौके पर ही बालक की मौत हो गई। यह मंजर देख दादी उर्मिला व बहन जसमीत की चीख निकल गई।
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चीख-पुकार की आवाज सुनकर परिजनों के साथ आसपास के ग्रामीण भी उस तरफ दौड़े, लेकिन चालक बस लेकर फरार हो गया। हादसा गांव में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में कैद हो गया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। परिजनों के साथ काफी संख्या में ग्रामीण बच्चे के शव को लेकर थाने पहुंचे और स्कूल संचालक मदन गुर्जर व बस चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। करीब दो घंटे चाचा पंकज बच्चे नवनीत के शव को लिए थाने में पड़ी बेंच पर अपनी गोद में लिए बैठे रहे।
कार्रवाई होती न देख परिजन व ग्रामीणों ने बच्चे के शव को थाने के सामने सड़क पर जाम लगा दिया। जाम की खबर लगने पर पुलिस ने अपनी किरकिरी होती देख आनन-फानन में स्कूल संचालक को हिरासत में लेकर बस को कब्जे में ले लिया। हादसे की खबर मिलने पर भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी भी पहुंचे और पीड़ित परिजनों से जानकारी ली। पुलिस ने मामला बढ़ता देख उच्चाधिकारियों को सूचना दी। जिस पर एसपी देहात अभिजीत सिंह, सीओ सदर देहात सुधीर सिंह ने भी पीड़ित परिवार को कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।


चार घंटे चली वार्ता, आठ लाख में हुआ समझौता
परीक्षितगढ़। भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने स्कूल संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, पीड़ित परिवार को 15 लाख रुपये की आर्थिक मदद व मृतक की बहन छात्रा जसमीत की इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई निशुल्क कराने की मांग की। स्कूल संचालक मदन गुर्जर ने आर्थिक मदद पांच लाख रुपये देने पर भाकियू कार्यकर्ता व ग्रामीण भड़क गए। एसपी देहात अभिजीत कुमार, सीओ सदर देहात सुधीर सिंह की मौजूदगी में चार घंटे चली वार्ता में स्कूल संचालक पीड़ित परिवार को 8 लाख रुपये आर्थिक मदद देने व छात्रा को इंटरमीडिएट तक निशुल्क शिक्षा देने पर सहमति बनी। इसके बाद बच्चे के शव का पुलिस ने पंचनामा भरकर परिजनों को सौंप दिया। बाद में गममीन माहौल में बच्चे के शव को दफना दिया गया। परिजनों ने कोई कानूनी कार्रवाई करने से इंकार कर दिया।
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इकलौते बेटे की मौत से परिवार में मातम
बहन जसमीत ने एक सप्ताह पहले ही रक्षा बंधन पर्व पर भाई नवनीत की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर परिवार के साथ खुशियां मनाई थी। लेकिन बहन को किया मालूम था सात दिन बाद उसका प्यारा इकलौता भाई दुनिया को छोड़कर चला जाएगा। मां पूजा ने बताया जब जसमीत पढ़ने के लिए स्कूल चली जाती थी। नवनीत अपनी बहन के इंतजार में बैठा रहता था। बहन के आने पर ही खुशी से झूम उठता था। वह उसके साथ ही खाना खाता था। मां रोते बिलखते हुए कह रही थी भगवान मेरा इकलौता सहारा क्यो छीन लिया। यह शब्द सुनकर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गई। नवनीत का शव घर पहुंचा तो परिवार बिलख पड़ा। मां पूजा , दादी उर्मिला, पिता प्रिंस व अन्य परिजन रो-रोकर हाल बेहाल है।
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