गाजियाबाद में हुए सड़क हादसे में मारे गए दंपती और बेटे का मीवा गांव में गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
-छह साल के मासूम बेटे ने चाचा के साथ दी मुखाग्नि
-अंतिम संस्कार में उमड़ा गांव, राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने दी सांत्वना
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। गाजियाबाद में रविवार को हुए सड़क हादसे में मारे गए ललित (37) उनकी पत्नी पिंकी (34) और बेटे अर्णव (10) का गांव मीवा में अंतिम संस्कार किया गया। गांव के श्मशाान घाट में परिवार के तीन सदस्यों की चिंताएं एक साथ जली। मुखाग्नि ललित के बेटे छह साल के मासूम नीरव और ललित के भाई सचिन से संयुक्त रूप से दी। मासूम को देख हर किसी का कलेजा भर आया। लोग भावुक हो गए और आंखों से आंसू छलक उठे। राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने गांव पहुंचकर शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी।
गांव मीवा निवासी वीर सिंह करीब आठ वर्ष पहले परिवार सहित रोजी रोटी की तलाश में दिल्ली चले गए थे। सभी लोग वहीं पर रहते थे। गांव मीवा में मकान पर ताला रहता है। वीर सिंह दिल्ली में ई-रिक्शा चलाते हैं। वीर सिंह के दो पुत्र ललित और सचिन हैं। दोनों प्राइवेट फैक्टरी में नौकरी करते हैं। रविवार को ललित, उनकी पत्नी पिंकी और पुत्र अर्णव की गाजियाबाद में सडक दुर्घटना में मौत हो गई। जबकि ललित का छोटा पुत्र नीरव घायल हो गया था।
सोमवार की शाम को पोस्टमार्टम के बाद ललित, पिंकी और अर्णव के शव लेकर परिजन गांव में पहुंचे। शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। काफी संख्या में ग्रामीण भी पहुंच गए और उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। गमगीन माहौल में तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। श्मशान घाट में तीनों की चिताएं एक साथ जलती देख हर किसी के आंख में आंसू थे। माता-पिता और भाई की मौत के बाद परिवार में छह साल का नीरव अकेला रह गया है। हर किसी की जुबां पर यही चर्चा थी कि आखिर मासूम की परवरिश कौन करेगा। शायद अब चाचा सचिन के साथ ही वह रहेगा।
राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने गांव पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। इस दौरान ग्राम प्रधान राकमपाल, भाजपा नेता हरिओम शर्मा, गन्ना समिति के अध्यक्ष विनोद भाटी, रामपाल सिंह, करतार सिंह, सोमनाथ पकनेजा आदि काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।