मेरठ/जानीखुर्द। सिवालखास कस्बे में तीन मासूम बच्चों शिवांश (8), ऋतिक (8) और मानवी (7) की मौत के मामले में नौ दिन बाद पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। सोमवार को जानी थाना पुलिस ने कस्बा सिवालखास के तीन लोगों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की। सीओ सरधना आशुतोष कुमार के अनुसार जल्दी ही पुलिस घटना को लेकर किसी सही नतीजे पर पहुंच जाएगी।
कस्बा सिवालखास निवासी जितेंद्र की सात वर्षीय पुत्री मानवी, मोनू का आठ वर्षीय पुत्र शिवांश और हिम्मत का आठ वर्षीय पुत्र ऋतिक तीन अगस्त सुबह घर के बाहर खेल खेलते हुए लापता हो गए थे। अगले दिन चार अगस्त की सुबह छह बजे तीनों के शव उनके घरों से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर काटी जा रही अवैध कॉलोनी के एक प्लॉट में बने गड्ढ् में मिले थे। गड्ढे में बारिश का पानी भरा हुआ था। ऋतिक और शिवांश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पानी में डूब कर होना आया था।
मानवी की मौत गले की हड्डी टूटने और पानी में डूबने से आया था। पुलिस ने बिल्डर असलम के खिलाफ आबादी के बीच गहरा गड्ढा खोदने और उसमें भरे बारिश के पानी में दो बच्चों ऋतिक और शिवांश की मौत होने के आरोप में गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज किया था। असलम को न्यायालय से जमानत मिल चुकी है। वहीं, मानव अधिकार आयोग ने स्वयं घटना को संज्ञान में लेते हुए डीजीपी और प्रदेश सरकार से घटना के संबंध में रिपोर्ट दो सप्ताह में मांगी है।
जानी पुलिस लगातार लोगों से पूछताछ कर रही है। अभी तक 75 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। सोमवार को पुलिस ने शक के आधार पर तीन लोगों को हिरासत में लिया। इनसे पूछताछ की जा रही है। एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा का कहना है कि पुलिस की जांच जारी है। शक के दायरे में आने वालों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस जल्द किसी नतीजे पर पहुंच जाएगी।