मेरठ जिले में 405 थ्री नॉट थ्री राइफल का स्थान अत्याधुनिक इंसास राइफल भले ले चुकी हों। लेकिन कोरोना काल में समय पर प्रशिक्षण न मिलने के कारण होमगार्डों को न तो इंसास मिली और न ही वे इसका पूरी तरह प्रशिक्षण ले पाए हैं। अब वित्तीय वर्ष खत्म होते देख आनन फानन में प्रशिक्षण शुरू कराया गया है। लेकिन अब कारतूस तक की कमी के कारण बिना फायरिंग ही अभ्यास कराया जा रहा है।
जिले में करीब 1900 होमगार्ड हैं। इनमें से 405 होमगार्ड थ्री नॉट थ्री संभालते थे। इसकी जगह 405 इंसास राइफल जारी हो गईं। लेकिन प्रशिक्षण बिना इन्हें देना संभव न था। इसलिए उन्हें पुलिस लाइन में जमा करा दिया गया।
वितीय वर्ष-2020 में होमगार्डों को इंसास के प्रशिक्षण के लिए सहारनपुर मेरठ मंडल में 15 लाख रुपये का बजट जारी हुआ। मगर कोरोना काल में प्रशिक्षण नहीं हुआ। अब बजट सेरेंडर होने के डर से 300 होमगार्डों का प्रशिक्षण कराया जा रहा है। लेकिन कारतूस न मिलने से फायरिंग तक का अभ्यास नहीं हो पा रहा है।
कोरोना के चलते होमगार्ड का प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभावित हुआ था। हाल में प्रशिक्षण शुरू कराया गया है, जिसमें 300 होमगार्ड शामिल हैं। जहां तक फायरिंग की बात है तो फिलहाल कारतूस उपलब्ध नहीं हैं।
- राजेंद्र सिंह, जिला कमांडेंट
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