गांव में छाया मातम
रविवार सुबह हुए हादसे के बाद भोजेवाला गांव में मातम के साथ ही सन्नाटा पसरा हुआ है। एक साथ तीन लोगों की मौत ने पूरे गांव को गहरा सदमा दिया है। जैसे ही गांव में हादसे की खबर पहुंची, तो पूरा गांव घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़ा। भूपचंद के परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। भूपचंद के बेटे कमलदीप, पोते शौर्य और मामचंद के शव को पुलिस पोस्टमार्टम के लिए लेकर चली गई, तो ग्रामीणों की भीड़ पुलिस के पीछे मोर्चरी पर पहुंच गई। वहीं मृतक कमलदीप के घर पर कोहराम मचा हुआ था।
भूपचंद की आंखों के सामने हो गई तीसरे बेटे की भी मौत
भूपचंद के चार बेटों में से तीन बेटों की एक-एक कर मौत हो गई। कमलदीप के दो भाइयों की लगभग पांच साल पहले मौत हो गई थी। कमलदीप ट्रैक्टर से किसानों के खेतों को जोत करके परिवार का पालन-पोषण करता था। वह परिवार में सबसे छोटा था।
कमलदीप की मौत के बाद इस पूरे परिवार में सिर्फ अब उसका बड़ा भाई रह गया है। अपनी आंखों के सामने अपने तीन बेटों के दुनिया छोड़कर चले जाने से उनके पिता भूपचंद और मां कृष्णा देवी को तोड़ दिया है। रविवार को बेटे और पौत्र की मौत की खबर मिलने पर दोनों को गहरा सदमा पहुंचा है।
पिता के साथ जाने की जिद कर बैठा मासूम शौर्य
रविवार को छुट्टी होने के कारण शौर्य और कार्तिक स्कूल नहीं गए थे। जिस कारण अपने पिता के साथ ट्रैक्टर पर बैठकर जाने की जिद कर बैठे। कमलदीप ने दोनों बच्चों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने।
दोनों सुबह पांच बजे ही पिता के साथ ट्रैक्टर पर बैठकर चले गए। इस हादसे में कमलदीप का बड़ा बेटा शौर्य हादसे का शिकार हो गया। छोटे बेटा कार्तिक लीवर और स्टेयरिंग के बीच फंसा होने के कारण पानी में नहीं डूबा जिस कारण उसकी जान बच गई।
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