नगर निगम की महापौर सुनीता वर्मा और पूर्व विधायक योगेश वर्मा को बसपा से निष्कासित करने के बाद उनके पक्ष में अब तक 17 पार्षद पार्टी छोड़ चुके हैं। बसपा प्रदेश अध्यक्ष मुनकाद अली के बयान पर पार्षदों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बृहस्पतिवार को भी तीन पार्षदों ने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया।
वार्ड 25 की पार्षद रंगीता सिंह, उनके पति बसपा नेता जनरैल सिंह, वार्ड 16 की पार्षद प्रिया एवं उनके पति बसपा नेता राजीव चौधरी, वार्ड 41 के पार्षद महेशपाल सिंह ने महापौर के पक्ष में बसपा को छोड़ दी है।
महापौर आवास पर पहुंचे पार्षदों ने कहा कि जब बसपा सुप्रीमो का जन्मदिन होता है तो उन्हें याद किया जाता है। वरना पार्टी में उनकी उपेक्षा की जाती है। तीनों का आरोप है कि बसपा के प्रदेश अध्यक्ष मुनकाद अली ने बयान दिया कि पार्षदों के जाने से बसपा पर कोई फर्क नही पड़ेगा। उनके यह बयान बहुत ही गलत है।
अब तक बसपा के 17 पार्षदों ने इस्तीफा दिया है। पार्टी ने उनके साथ विश्वासघात किया है। गलत तरीके से उन्हें निकाला है। पार्षद को लेकर प्रदेश अध्यक्ष का बयान गलत है। पार्षद जनता से चुनकर आता है और वह 20 से 25 हजार वोटों पर बनता है।
-सुनीता वर्मा, महापौर