पिता पढ़ाते हैं इतिहास, बेटा समाज का दुश्मन
हथियार तस्करी के धंधे से जुड़े सुनील चंद्रा के पिता चंद्रपाल मूल रूप से मंसूरपुर क्षेत्र के गांव हुसैनपुर बोपाड़ा के रहने वाले हैं। चंद्रपाल मीरापुर के एसडी इंटर कॉलेज में इतिहास के शिक्षक हैं और उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पद पर हैं।
वहीं, चंद्रपाल की पत्नी संतोष देवी नगर पंचायत मीरापुर में वार्ड सभासद हैं। अच्छे-खासे परिवार से संबंध होने के बावजूद शिक्षक का बेटा सुनील चंद्रा अपराध जगत से जुड़कर समाज का दुश्मन बन बैठा।
अय्याशी के चलते गंवाई बीज निगम की नौकरी
पुलिस के अनुसार सुनील चंद्रा खुद भी बीज निगम के अकाउंट अफसर पद पर मेरठ में तैनात रहा है। सरकारी नौकरी लगने के बाद सुनील अय्याशी में लिप्त हो गया। प्रेम-विवाह करने के बावजूद उसके लगातार अन्य युवतियों से संबंध बने रहे, जिनके खर्च पूरे करने के लिए उसने विभागीय 53 लाख रुपयों का ही गबन कर लिया।
मामला खुलने के बाद करीब पांच साल पूर्व विभाग की ओर से उसके खिलाफ मेरठ के कंकरखेड़ा थाने में गबन का मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके बाद वह अपराध जगत से जुड़कर पिस्टल तस्करी का धंधा करने लगा। इसके बाद वह लगातार अपराध जगत में आगे बढ़ते हुए बुलेटप्रूफ जैकेट्स के धंधे तक जा पहुंचा।