नोट- नोएडा के ध्यानार्थ
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। न्यायालय अपर जिला जज स्पेशल कोर्ट भ्रष्टाचार निवारण ने एकाउन्टिंग एवं टैक्सेशन का काम करने वाले को जीएसटी के मामले में जेल भेजने और फर्जी मुकदमों में फंसाने का भय दिखाकर 29 लाख रुपये हड़पने के आरोप में तीन आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजद दिया। घटना थाना बिसरख नोएडा जिला गौतमबुद्धनगर की है।
अभियोजन अधिकारी महेंद्र प्रजापति ने कराया कि ग्रेटर नोएडा के एगिन रॉयल के रहने वाले संदीप कुमार ने थाना बिसरख में प्राथमिकी दर्ज कराई। बताया कि उसका ऑफिस ग्रेटर नोएडा में ऐस एस्पायर बिल्डिंग में स्थित है। वह 20 जुलाई 2026 को अपने घर से गाड़ी से एटीएस चौक से होते हुए ऐस एस्पायर अपने ऑफिस में जा रहा था। रास्ते में एक सफेद रंग की कार ने उसकी गाड़ी को रोका और उसमें से तीन लोग उतरे, जिन्होंने बताया कि तुम्हारे खिलाफ कम्पलेन दर्ज है और तीनों मेरी गाड़ी में बैठकर मुझे एक्सप्रेसवे पर ले गए और लखनऊ ले जाने के लिए कहने लगे।
इन तीनों ने पीड़ित को डराते हुए धमकाया और मुकदमों से बचाने के लिए 50 लाख रुपये की मांग की। जिस पर उसने 29 लाख रुपये अपने भाई से मंगाकर इन लोगों को दे दिए। इन लोगों ने जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी।
अभियोजन अधिकारी ने मामले की गंभीरता से न्यायालय को अवगत कराया। न्यायालय में पुलिस ने तीन आरोपी कशिश, राजेश और विवेक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
बेंच नहीं तो वोट नहीं
मेरठ। पउप्र में हाईकोर्ट बेंच को लेकर चल रहे आंदोलन के चलते बुधवार को केंद्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष अनुज कुमार शर्मा व संयोजक परवेज आलम की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने कचहरी में घूमकर कर बेंच नहीं तो वोट नहीं, के नारे लगाए।
इस दौरान उनके द्वारा कचहरी मौजूद वाहनों व अन्य स्थानों पर इस मांग को लेकर बेंच नहीं वोट नहीं स्टिकर व बैनर भी लगाए। इस मौके पर पदाधिकारियों द्वारा शीघ्र ही बड़ा आंदोलन चलाए जाने की घोषणा भी की।
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