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Meerut News: हत्या के मामले में तीन आरोपी दोषमुक्त

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संवाद न्यूज एजेंसी
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मेरठ। अपर जिला जज (कोर्ट संख्या-10) अभय प्रताप सिंह ने हत्या के मामले में आरोपी कस्बा खिवाई निवासी मुकेश, सत्यप्रकाश और भूरा को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया है।
आरोपियोें के अधिवक्ताओं के अनुसार सरूरपुर थाने में खानपुर नई दिल्ली निवासी सतीश शर्मा ने 20 जून 2015 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उसका पुत्र मनीष अपने मौसा के यहां खिवाई मेरठ आया था। घटना के दिन वह मौसा धर्मपाल के घर बैठा था। आरोप है कि पुरानी रंजिश में तीनों आरोपी उसके बेटे को घर से बुलाकर ले गए। काफी देर बीतने के बाद मनीष घर नहीं आया तो आरोपियों से उसके बारे में जानकारी ली। उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
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काफी तलाशने पर गांव के निवासी रामलाल व कृष्ण ने बताया कि आरोपी उसके पुत्र मनीष को खेत की ओर ले जा रहे थे। बाद में उसका बेटा मनीष खेत में मृत अवस्था में मिला था। न्यायालय में आरोपी पक्ष की ओर से निर्दोष होने के साक्ष्य न्यायालय में पेश किए गए। शुक्रवार को न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
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सड़क हादसे का आरोपी चालक दोषमुक्त

मेरठ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नीरज कुशवाहा ने सड़क हादसे में मौत के मामले में आरोपी वाहन चालक मंजू पत्नी हरजिंदर सिंह निवासी रुड़की रोड मेरठ को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया।
आरोपी के अधिवक्ता के अनुसार, पल्लवपुरम निवासी प्रमोद कुमार सिंह ने कुछ साल पहले थाना कंकरखेडा में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि अनिल कुमार व भरपूर सिंह बाइक पर मेरठ से मोदीपुरम जा रहे थे। इसी दौरान गुरुकुल इंटर काॅलेज के पास मारुति कार ने बाइक में टक्कर मार दी थी। हादसे में बाइक चालक अनिल कुमार और भरपूर सिंह को काफी चोट आई थीं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान अनिल कुमार की मौत हो गई थी।
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मामले में विवेचना के दौरान आरोपी मंजू का नाम प्रकाश में आया। न्यायालय में आरोपी के अधिवक्ता ने बताया कि घटना के दौरान आरोपी मंजू मौके पर मौजूद नहीं थी और घटनास्थल के गवाह द्वारा भी कार का नंबर मालूम न होने की बात कही गई। अभियोजन की ओर से केस को साबित करते हुए किसी अन्य गवाह को भी परीक्षित नहीं कराया गया। अदालत ने शुक्रवार को दोनों पक्षों को सुनकर एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी मंजू को दोषमुक्त कर दिया।
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