मुजफ्फरनगर। जिला जज विनय कुमार द्विवेदी ने 20 साल पुराने प्रकरण में हत्यारोपी की जमानत अर्जी मंजूर की है। परिवाद में आरोपी को तलब किया गया था।
मंसूरपुर थाना क्षेत्र के लच्छेड़ा में 28 सितंबर 2004 को परिवादी के पुत्र आकाश को घर से बुलाकर ले जाकर हत्या कर दी गई थी। अज्ञात में मुकदमा कायम कराया गया। इसके बाद वादी ने 30 सितंबर को घटना में नरेंद्र, राजेंद्र और बिजेंद्र को आरोपियों का नामित किया था। विवेचना के उपरांत पुलिस ने सिर्फ नरेंद्र के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। विचारण के दौरान अदालत ने उसे फरवरी 2007 में दोषमुक्त कर दिया था। सेशन कोर्ट में हत्या के मुकदमे में मुख्य परीक्षा में वादी ने धारा 319 सीआरपीसी के तहत सह अभियुक्त राजेंद्र और बिजेंद्र को तलब करने का प्रार्थना पत्र दाखिल किया। लेकिन अदालत ने उसे खारिज कर दिया। राजेंद्र की मौत हो चुकी है। परिवादी ने हत्या के सह अभियुक्त बिजेंद्र के खिलाफ 17 मई 2005 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दोनों के खिलाफ परिवाद दायर किया। परिवाद में अदालत ने आरोपी बिजेंद्र को तलब किया। बचाव पक्ष ने बताया दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद मुकदमे के तथ्यों एवं परिस्थितियों को मद्देनजर जिला जज ने अभियुक्त बिजेंद्र की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।