इस बार आकाश मार्ग से होगी अमरनाथ यात्रा
मेरठ। कोरोना महामारी के चलते अमरनाथ यात्रा इस बार सिर्फ आकाश मार्ग से संभव हो पाएगी। ऐसे में यात्रा सिर्फ 3 दिन में पूर्ण हो जाएगी। यात्रा के लिए भक्तों के पास कोरोना टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट होना अनिवार्य है। वहीं चंदनवाड़ी मार्ग बंद किए जाने से मेरठ के भंडारे भी शेषनाग पर नहीं लग पाएंगे।
अमरनाथ यात्रा शुभारंभ की तिथि अब 21 जुलाई कर दी गई है। गुफा पर परंपरा अनुसार, रक्षाबंधन के दिन छड़ी मुबारक की पूजा कराई जाएगी। यात्रा आयोजन की जानकारी बुधवार शाम तक श्राइन बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराए जाने की संभावना है। कावेरी ट्रांसपोर्ट के संचालक मयंक गुप्ता ने बताया कि जम्मू कश्मीर सरकार से अन्य प्रदेशों के वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंधित लगा रखा है। ऐसे में भक्तों को जम्मू कश्मीर की बसों में यात्रा करनी होगी। वहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए बसों का किराया 30 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। अमरनाथ सेवा समिति के महामंत्री महेश मित्तल ने बताया कि इस बार बालटाल मार्ग से ही यात्रा संभव हो सकेगी। श्राइन बोर्ड ने यात्रा के लिए अभी रजिस्ट्रेशन नहीं खोले हैं।
कोरोना टेस्ट होगा अनिवार्य
अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले भक्तों की बॉर्डर के बाद कठुवा में स्वास्थ्य जांच होगी। अगर भक्त के पास कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट नहीं होगी तो उसे रिपोर्ट आने तक वहीं रुकना होगा। इस बार 13 से कम और 55 वर्ष से अधिक उम्र वाले भक्तों को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बस की जगह प्लेन में होगा सफर
पूर्व में बस में सफर करने वाले भक्तों को जहां 5 हजार में पैकेज मिल जाता था, वहीं इस बार प्लेन से सफर करने पर 25 हजार का पैकेज है। टूर एंड ट्रेवल्स से जुड़े मयंक गुप्ता ने बताया कि टैक्सी से भक्त को दिल्ली एयरपोर्ट ले जाया जाएगा। उसके बाद फ्लाइट से श्रीनगर पहुंचेंगे। एयरपोर्ट से वाया बस बालटाल ले जाया जाएगा। यहां से हेलीकॉप्टर द्वारा भक्त गुफा तक जाएंगे। सोनमर्ग में दो रातों का ठहराव भी होगा। उन्होंने बताया कि पहला ग्रुप 22 जुलाई, दूसरा 25 और तीसरा 28 जुलाई को जाएगा।