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यह सम्मान कुछ अलग था, अभिभूत हो गए सतपाल मलिक

Fri, 17 Nov 2017 12:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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बिहार के राज्यपाल सतपाल मलिक - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मेरठ। यह सम्मान कुछ अलग था। राज्यपाल के सम्मान से ऊपर उठकर यह इस्तकबाल उस शख्सियत का किया गया था जो इस शहर में छात्र रहा। इसी को अपनी कर्मभूमि बनाया और छात्र राजनीति की एक नई इबारत लिख दी। बिहार के राज्यपाल सतपाल मलिक का मेरठ कॉलेज में बृहस्पतिवार को सम्मान हुआ तो इसमें प्रोटोकॉल की बंदिशें पीछे रह गई। यहां हर कोई उनके स्वागत को आतुर दिखा।
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यूं तो शहर में कई राज्यपाल आए। उनका स्वागत और सम्मान शायद ही इतना शानदार रहा हो। लेकिन सतपाल मलिक के सम्मान समारोह में नजारा कुछ अलग था। ठीक 50 साल पहले इसी कॉलेज में वह छात्रसंघ अध्यक्ष बने थे। विधायक, सांसद, मंत्री बनते-बनते महामहिम के पद पर आसीन हुए। छात्र, शिक्षक और मैनेजमेंट के पदाधिकारी सबने उनके लिए पलकें बिछा रखी थीं। राज्यपाल के पुराने दोस्त और जान पहचान वालों की भी कमी नहीं रही। 

एक माह में आए तीन राज्यपाल
एक महीने के अंदर शहर में तीन राज्यपाल आए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती के कार्यक्रम में एनएएस कॉलेज में हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी आए। चौधरी चरण सिंह विवि में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी आए। वकीलों ने उनके कार्यक्रम का विरोध किया। कृषि विवि के दीक्षांत समारोह में प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक आए। इन सबसे अलग निराले अंदाज में सतपाल मलिक का मेरठ कॉलेज में स्वागत हुआ। कॉलेज ने उनके स्वागत के लिए गेट से लेकर ओपन स्टेडियम तक रेड कारपेट बिछवाया। छात्रों ने राज्यपाल के लिए नारा दिया सतपाल मलिक की क्या पहचान, शेर का बच्चा आलीशान। 
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इंसान की दो मां होती हैं
सम्मान से अभिभूत होकर उन्होंने कहा एमएलए बनने के बाद भी में कॉलेज में आया था। कॉलेज में आना मां की गोद में वापसी की तरह है। इंसान की दो मां होती हैं। एक वो जो जन्म देती है। पालती है। दूसरी मां कॉलेज है जो शिक्षा और संस्कार देती है। सत्यपाल मलिक के पैर छूने और उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ मची रही। सुरक्षा कर्मियों को भीड़ से बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। 

ये लोग रहे मौजूद 
कार्यक्रम में पूर्व एमएलसी जगत सिंह, एसपी राणा, विधायक सत्यवीर त्यागी, विधायक योगेश धामा, पूर्व विधायक सतेंद्र सोलंकी, पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा, डॉ. राजकुमार सांगवान, पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह, ओमपाल नेहरा, देवेंद्र प्रधान, निर्वाण सिंह, कुंवरपाल यादव, यशपाल सिंह, राहुल देव, सुनील रोहटा, पूर्व विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेई, पप्पू गुर्जर, मुकेश जैन, दामोदर शर्मा, धर्म दिवाकर, वीर रस के विख्यात कवि डॉ. हरिओम पंवार, पूर्व नरेंद्र पूनिया, डॉ. जयप्रकाश प्रेम देव, पूर्व मंत्री डॉ. कुलदीप उज्ज्वल, निर्वाण सिंह, पूर्व मंत्री डॉ. मेराजुद्दीन अहमद, कंवर अहमद आदि मौजूद रहे। छात्र नेताओं में अनुज जावला, डॉ. संदीप चौधरी, नितिन यादव आदि मौजूद रहे। 

चौधरी साहब ने अपनी औलाद से भी ज्यादा प्यार किया
राज्यपाल ने कहा पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने उनको अपनी औलाद से भी ज्यादा प्यार किया। राजनीति में उनका लक्ष्य लखनऊ तक का था। उनको लाल किले तक पहुंचाने में हम तीन-चार व्यक्तियों का काफी योगदान रहा। 

छात्रों के रहे दो गुट, हूटिंग की 
कार्यक्रम में छात्रों के दो गुट रहे। दोनों ने एक दूसरे की हूटिंग भी की। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सौरभ सिंह और अंकित मलिक के समर्थकों ने खूब नारेबाजी की। कार्यक्रम खत्म होने के बाद जब राज्यपाल जा रहे थे तो कुछ ने उनके नजदीकी जमशेद जैदी मुर्दाबाद का नारा लगाया। 

ऐसे ही कोई रजनीगंधा नहीं बन जाता
संचालन के दौरान मैनेजमेंट अध्यक्ष डॉ. राम कुमार गुप्ता ने खूब ठहाके लगवाए। राज्यपाल की तारीफ करते हुए उन्होंने छात्रों को कुछ इस अंदाज में समझाया.... वो एक विज्ञापन नहीं आता। ऐसे ही कोई रजनीगंधा नहीं बन जाता। अपने राज्यपाल यहां तक ऐसे ही नहीं पहुंचे। 
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