बागपत जिला जेल में बंदी रिजवान को थर्ड डिग्री देने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में सुनवाई हुई। जेल अधीक्षक बागपत ने कोर्ट में आख्या प्रस्तुत करते हुए बताया कि बंदी की पिटाई कचहरी की हवालात में पुलिस द्वारा की गई थी। जेल में उसकी पिटाई नहीं की गई। ब्लड प्रेशर डाउन होने के कारण वह बेहोश हो गया था।
गाजियाबाद जनपद के लोनी निवासी रिजवान चरस तस्करी के मामले में जिला कारागार में बंद है। 20 जुलाई को वह कोर्ट में पेशी पर आया था। कचहरी की हवालात में उसका दूसरे बंदी आरिफ के साथ झगड़ा हो गया था। रिजवान ने आरोप लगाया था कि जेल जाने के बाद बंदी रक्षक ने बैरक से बाहर निकालकर उसकी बेरहमी से पिटाई की थी। हालत बिगड़ने पर जेल अस्पताल से उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस मामले में रिजवान ने अधिवक्ता नरेंद्र पंवार के माध्यम से फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में याचिका दायर की थी। न्यायालय ने जेल अधीक्षक से 25 जुलाई तक आख्या प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे।