- गढ़ रोड स्थित कॉलोनी में श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण विवाह का प्रसंग सुनाया
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। गढ़ रोड गार्डन हाउस काॅलोनी में श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन शुक्रताल से आए कथा व्यास सत्यानंद महाराज ने होली के पर्व का महत्व बताया। इस दौरान फूलों की होली खेली गई। भक्तों ने भगवान कृष्ण के भजनों पर नृत्य किया।
सत्यानंद महाराज ने श्रीकृष्ण विवाह का प्रसंग सुनाया। बैंडबाजे के साथ ठाकुर जी कथा स्थल पर पहुंचे। भक्त उत्साहित होकर नृत्य करने लगे। भगवान का तिलक कर स्वागत किया गया। इस अवसर श्रीकृष्ण और रुक्मिणी की मनमोहन झांकी दिखाई गई। भगवान कृष्ण के स्वरूप में 12 वर्षीय अनायशा और रुक्मिणी के रूप में 13 वर्षीय दिग्वी गोयल ने सबका मन मोह लिया।
कथा व्यास ने बताया कि रुक्मिणी विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री थीं। वह श्रीकृष्ण को अपना पति मान चुकी थीं लेकिन उनके भाई रुकमी ने उनका विवाह शिशुपाल से तय कर दिया। रुक्मिणी ने श्रीकृष्ण को एक पत्र भेजकर सहायता मांगी और अपने प्रेम विवाह का निवेदन किया। उन्होंने अनुरोध किया कि वे आकर उनका हरण करें। रुक्मिणी के प्रेम और भक्ति से प्रसन्न होकर कृष्ण विदर्भ देश पहुंचे। विवाह से पहले जब रुक्मिणी मंदिर में पूजा करने गई, तभी श्रीकृष्ण ने उन्हें रथ में बैठाकर हरण कर लिया। राजाओं ने जब कृष्ण का पीछा किया तो उन्होंने सभी को परास्त कर दिया। बाद में विधिवत विवाह संपन्न हुआ। कथा श्रवण करने वालों में शिल्पी, नेहा, महिमा, शिवि, नीशु, अंशु, भारती, संध्या, तनीषा आदि रहीं।