रात में होने के कारण भारत में ग्रहण का कोई धार्मिक प्रभाव नहीं, सूतक भी मान्य नहीं
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। बुधवार को श्रावण अमावस्या पर बुधवार को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण भारतीय समयानुसार रात करीब 9:04 बजे शुरू होगा। आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि रात के समय होने के कारण सूर्य ग्रहण भारत में पूरी तरह अदृश्य रहेगा।
ऐसे में भारत में सामान्य धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा और पूजा-पाठ, मंदिर दर्शन सहित सभी धार्मिक कार्य सामान्य रूप से किए जा सकेंगे।
पंचांग के अनुसार यह पूर्ण सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, स्पेन तथा पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। वहीं यूरोप, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका के कई क्षेत्रों में ग्रहण आंशिक रूप से नजर आएगा। भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण यहां इसके दौरान किसी प्रकार के धार्मिक प्रतिबंध लागू नहीं होंगे।