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बोर्ड परीक्षा के लिए होगी त्रिस्तरीय जांच

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बोर्ड परीक्षा के केंद्र बनाने के लिए होगी स्कूलों की त्रिस्तरीय जांच
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मेरठ। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने भी स्कूलों को बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाने व डमी एडमिशन को रोकने के लिए नियमों क ो और कठिन बना दिया है। जिस तेजी से सीबीएसई स्कूल खुल रहे हैं, नए-नए स्कूलों को मान्यता मिल रही है उसे देखते हुए बोर्ड क ाफी संजीदगी बरत रहा है। बोर्ड ने छात्रों की लिस्ट ऑफ कैंडिडेट देने के लिए ओएएसआईएस (ऑनलाइन एफेलेशन स्कूल इनर्फोमेशन सिस्टम) के साथ अब फिजिकल हेल्थ एजुकेशन देने का नियम भी जोड़ दिया है। बोर्ड के अनुसार जो स्कूल ओएएसआईएस और पीएचई की प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे उनको एलओसी नहीं मिलेगी।
पिछले वर्ष सीबीएसई ने स्कूलों को एक पीरियड स्पोर्ट्स का अवश्य देने का नियम बनाया है। इस नियम को स्कूल कितना मान रहा है इसे भी सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के बहाने जांच रहा है। सीबीएसई ने स्कूलों से इस वर्ष ओएएसआईएस के साथ पीएचई की रिपोर्ट देने का नियम बनाया है। विद्यालयों को सीबीएसई पोर्टल पर पहले ओएएसआईएस की सूचना भरनी होगी। ओएएसआईएस के बाद पीएचई की बिंदुवार रिपोर्ट भरनी होगी। इसमें स्कूल में प्रतिदिन एक घंटा गेम्स होते हैं या नहीं, कौन से गेम्स हैं, कितनी लैब हैं, कमरों की संख्या, बगीचा, कैंटीन, वॉटर कूलर, स्पोर्ट्स ग्राउंड, स्कूल में क्या सुविधाएं हैं, कमरों के आकार की जानकारी, सीसीटीवी की स्थिति, स्कूलों की जियोग्रॉफिकल लोकेशन, छात्रों की संख्या, कक्षाओं की जानकारी भरना होगा। पीएचई भरने के बाद स्कूल की एलओसी लिस्ट खुलेगी। जिसमें दसवीं व बारहवीं के बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले छात्रों का डाटा व पंजीयन की जानकारी होगी। इस वर्ष से बोर्ड ने पीएचई की जानकारी देने का नियम बनाया है। स्कूलों से मिली पीएचई रिपोर्ट के आधार पर ही बोर्ड परीक्षा के सेंटर तय किए जाएंगे। जिनकी बोर्ड द्वारा रेंडम जांच भी हो सकती है।
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पूरी रिपोर्ट देनी होगी
ओएएसआईएस के बाद स्कूलों को पोर्टल पर स्कूल की बिल्डिंग की पूरी जानकारी व लोकेशन भी देनी है। स्कूल में क्या सुविधाएं हैं। खेल का मैदान, लैब, सीसीटीवी कैमरों से लेकर कमरों की संख्या व उनके आकार की भी पूरी जानकारी देनी है। ओएएसआईएस और फिजिकल रिपोर्ट मिलने के बाद ही बोर्ड परीक्षा के छात्रों की लिस्ट ऑफ कैंडिडेट मिलेगी। - डॉ. कर्मेंद्र सिंह, अध्यक्ष सहोदय मेरठ महान
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