दौराला से मेरठ की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या बढ़ गई, जिस कारण से करीब दो किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया। इसके अलावा भराला-सिवाया पटरी मार्ग पर भी वाहनों की संख्या ज्यादा होने के चलते जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ा।
इस समय सैलानी भीषण गर्मी में पहाड़ों का रुख कर रहे हैं। लगातार दिल्ली-देहरादून हाइवे पर वाहनों की संख्या बढ़ने से ट्रैफिक व्यवस्था धड़ाम हो गई है। दौराला से लेकर परतापुर टोल प्लाजा तक जहां 15 मिनट लगने चाहिए, वहां करीब एक घंटे का समय लग रहा है। दोनों टोल प्लाजा पर भीषण जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
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शनिवार और रविवार को लगने वाला जाम दिल्ली-देहरादून हाइवे पर आम हो गया है। रविवार को दौराला से मेरठ की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या बढ़ गई, जिस कारण से करीब दो किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया। इसके अलावा भराला-सिवाया पटरी मार्ग पर भी वाहनों की संख्या ज्यादा होने के चलते जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ा। साथ ही दुल्हैड़ा चुंगी, हाईवे पर खड़ौली कट पर खिर्वा रोड पर जम के चलते वाहन रेंगते हुए नजर आए।
दौराला से लेकर परतापुर तक कई जगह जाम होने के चलते वहां रुक रहे। इसके अलावा सिवाया टोल प्लाजा, परतापुर टोल प्लाजा पर भी दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। वाहनों की संख्या दिल्ली देहरादून हाईवे पर सिवाया टोल प्लाजा पर करीब 57 हजार रही। दौराला की ओर से दो लाइन को रिवर्स चलाना पड़ा, तब भी ट्रैफिक कंट्रोल नहीं हो सका। टोल सुरक्षा अधिकारी मनिंदर विहान का कहना है कि रविवार को वाहनों की संख्या ज्यादा होने के चलते दो लाइन को रिजर्व चलाया गया था। शाम के समय ज्यादा जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ा।
यह हैं जाम लगने के कारण
- जब सड़क पर वाहनों की संख्या उसकी क्षमता से अधिक हो जाती है तो जाम लगने लगता है।
- पैदल चलने वाले अगर सड़क गलत तरीके से पार करते हैं या वाहनों को पकड़ते हैं तो भी जाम लग सकता है।
- हाइवे पर यातायात पुलिस की कोई व्यवस्था नहीं है।
- हाइवे पर जगह-जगह अवैध कट हैं, जिन पर दो पहिया वाहन स्वामी उतरते हैं और जाम लगता है।
- टोल प्लाजा पर जल्दी वाहन निकालने के चक्कर में वाहन स्वामी आपस में ही उलझते हैं और जाम लगता है।