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Meerut News: जिला अस्पताल में फिजीशियन और न नाक कान गला रोग चिकित्सक नहीं

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शामली जिला अस्पताल में मरीजों  की लगी भीड
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शामली। जिला अस्पताल में न तो नाक, कान व गला रोग (ईएनटी) चिकित्सक हैं और न ही फिजीशियन हैं। इस समय जिले में उमस भरी भीषण गर्मी पड़ रही है। अस्पताल में गला खराब होने के मरीज भी आ रहे हैं, लेकिन नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञ चिकित्सक और फिजीशियन न होने के कारण मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।
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पूर्वी यमुना नहर किनारे मुंडेट खुर्द के सामने जिला संयुक्त चिकित्सालय तीन साल से चल रहा है। अभी तक विशेषज्ञ चिकित्सकाें के कई पद रिक्त चल रहे हैं। जिला अस्पताल का सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले फिजीशियन के पद पर अभी तक किसी चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हुई है। इसके अलावा नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ के पद पर संविदा चिकित्सक नेहा शर्मा की पिछले साल नियुक्ति हुई थी, लेकिन कुछ ही समय बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। तब से करीब एक साल से यह पद रिक्त चल रहा है।
जिले में इस समय उमस भरी भीषण गर्मी पड़ रही है। गर्मी के कारण गला खराब होने के मरीज आ रहे हैं। किसी के गले में दर्द है तो किसी के गले में खराश है। इस तरह के मरीज अस्पताल में रोजाना 20 से 25 मरीज आते हैं। इसके अलावा कान व नाक रोग से पीड़ित मरीज भी आते हैं, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को समुचित उपचार न मिलने से मायूस ही होना पड़ता है। फिजीशियन न होने के कारण को इलाज न मिलने के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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- ये बोले मरीज
शामली निवासी सरोज ने बताया कि कई दिन से उसका गला खराब है। वह अस्पताल में दवा लेने आई है। यहां पता चला कि गले का डाक्टर नहीं है। दूसरे डाक्टर ने दवा लिखी है।
कांधला निवासी शबनम ने बताया कि उसे गले में भी दिक्कत और कान में दर्द रहता है। बताया कि नाक, कान गलेे का इलाज करने वाला डाक्टर नहीं है।
शामली निवासी सलमान ने बताया उसकाे गले में परेशानी है। कुछ भी खाना या पीना होता है तो गले में दुखन होती है। यहां आकर पूछा तो बताया गले का अलग से डाक्टर नहीं है।
- कोट : जिला अस्पताल में ईएनटी चिकित्सक व फिजिशियन के पद रिक्त चल रहे हैं। रिक्त पदों पर चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए शासन को समय-समय पर पत्राचार किया जाता है। अस्पताल में जो भी मरीज आते हैं, सभी की जांच कर दवा दी जा रही है। - डॉ. अशोक कुमार, सीएमएस जिला अस्पताल।
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