मेरठ। पांच साल पहले गांधी जयंती पर प्रधानमंत्री द्वारा देखा गया स्वच्छ भारत मिशन का सपना मेरठ में टूटता नजर आ रहा है। केंद्र सरकार ने मिशन के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन सच्चाई यह है कि शहर में स्वच्छता के स्तर में काई सुधार नहीं दिखाई दे रहा है। शहर में प्रतिदिन सफाई नहीं होने की शिकायतें आम हैं। कूड़े के निस्तार के लिए भी आज तक कोई ठोस प्लान तैयार नहीं हो पाया। गंदगी के ढेर पर बैठे शहर के जनप्रतिनिधि भी इस ओर स्वच्छता पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
हर घर में रखे जाने थे डस्टबिन
स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर घर में हरे और नीले रंग के डस्टिबिन रखे जाने थे। एक में गीला तो दूसरे में सूखा कूड़ा डाला जाना था। डोर टू डोर जाने वाली कूड़ा गाड़ियों से कूड़ा उठवाना था। इसके लिए नगर निगम ने 120 वाहनों को लगाया। इसके बावजूद गीला और सूखा कूड़ा अलग अलग जमा नहीं हो पा रहा है।
बर्बाद हुए लाखों के डस्टबिन
नगर निगम ने शहर में करीब डेढ़ करोड़ रुपये के डस्टबिन लगवाए थे। एक बार प्लास्टिक तो दूसरी बार स्टील के लगवाए। इन डस्टबिन को सुरक्षित रखने में निगम असफल रहा। शहर में जगह जगह डस्टबिन के स्टैंड तो दिखते हैं, लेकिन डस्टबिन नहीं। जहां डस्टबिन लगे हैं, वहां उनसे कूड़ा नहीं निकाला जाता।
नहीं हटाए गए कूड़ाघर
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर में कहीं पर भी कूड़ाघर नहीं होने चाहिए। ऐसे में निगम ने कुछ कूड़ाघरों को बंद कराकर सफाई करायी थी, लेकिन अभी भी दिल्ली रोड, बच्चा पार्क, खत्ता रोड सहित एक दर्जन स्थानों पर खत्ताघर संचालित हैं।
ओडीएफ पर भी उठ रही उंगली
मिशन के तहत सभी घरों में शौचालय निर्माण होना था। नगर निगम प्रशासन ने करीब नौ हजार घरों में शौचालय और सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय बनवाए। 150 स्थानों पर मूत्रालय बनवाने का भी दावा किया। नगर निगम ने ओडीएफ प्रमाण पत्र भी हासिल कर लिया। उसी समय ओडीएफ पर सवाल उठे और फिलहाल जांच चल रही है।
लोहियानगर में जमा लाखों एमटी कूड़ा
शहर से प्रतिदिन एक हजार मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। इसको गांवड़ी, कंकरखेड़ा, हापुड़ रोड में डाला जा रहा था। अब शहर का कूड़ा लोहियानगर में ही डाला जा रहा है। बीते पांच साल में लोहियानगर में नौ करोड़ मीट्रिक टन कूड़े का पहाड़ बन गया है। कूड़े से निकल रही बदबू से जनता का सांस लेना दूभर हो गया है।
सालों से अटका कूड़ा निस्तारण प्लांट
शहर में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने के लिए किला रोड पर गांवड़ी में जमीन खरीदी गयी थी। यहां निगम कूड़ा डालना शुरू कर दिया, लेकिन कूड़े का निस्तारण करना भूल गया। प्लांट के लिए भूमि पूजन भी हुआ, लेकिन आज तक नहीं लगा। एक साल पहले ग्रामीणों ने कूड़ा डालने का विरोध किया। न्यायालय ने नगर निगम पर जुर्माना लगा दिया। जुर्माने से बचने के लिए निगम ने गांवड़ी में कूड़े के ढेर को समतल करने का निर्णय लिया है।
वर्जन=============
स्वच्छ भारत मिशन के तहत दो अक्तूबर को शहर के किसी एक वार्ड में सफाई अभियान चलाएंगे। सफाई इंस्पेक्टर अपने अपने क्षेत्र में स्कूली बच्चों को लेकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं। कूड़ा निस्तारण प्लांट का मामला न्यायालय में है। कूड़ा कंपोस्ट यूनिट लगाए जाने की तैयारी है। -डा. गजेन्द्र कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी