बिजनौर में साहूवाला रेंज के वनों में आग का दूसरे दिन भी कहर जारी है। आग से अब तक हजारों बीघा वन संपदा नष्ट हो गई। वन्य जीवों का वनों में आग की पलटों को देख बुरा हाल है। जीवों ने बचाव को वनों से निकल कर खेतों की ओर रुख कर लिया है। जिससे ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें चिंता सता रही है कि कहीं आग वनों से निकल उनके खेतों को चपेट में न ले लें। उधर, वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि उनकी ओर से मंगलवार शाम तक आग शांत कर दी जाएगी।
साहूवाला क्षेत्र में मंगलवार दोपहर लगी भीषण आग ने इनायतपुर चौकी से लेकर सहारावाला तक जंगल अपनी चपेट में ले रखा है। लगभग छह किलोमीटर परिधि में वन आग की चपेट में है। आग के कहर से जंगली जानवर भी आबादी की और रुख कर रहे हैं। राहगीरों गोपाल सिंह रामकुमार, कृपाल सिंह, महिपाल का कहना है कि सड़क पर इतनी तपन है कि वन क्षेत्र से गुजर रही सड़क से निकलना भी दूभर हो रहा है। वनों में चारों ओर धुआं ही धुआं है।
पशु चराने वालों पर शक
वन क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत का कहना है कि आग के कारणों का पता तो नहीं चल पाया है। लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि राहगीर या पशु चराने वाले की वजह से वन क्षेत्र में आग लग रही है। पशु चराने वाले ताजी घास उगाने के लिए वन क्षेत्र में सूखी घास में आग लगा देते हैं। राहगीर बीड़ी सिगरेट को जलती हुई फेंक देते हैं। तो उससे भी आग लग जाती है। क्योंकि इस समय वन क्षेत्र में पत्ता बहुत गिरा हुआ है।
आबादी की ओर आ रहे हैं वन्य जीव
क्षेत्र के चेतराम सिंह, निहाल सिंह, सोमपाल सिंह, चंद्रपाल सिंह, नटूकुमार कहना है कि जंगली जानवर आग लगने के कारण वनों को छोड़ आबादी की तरफ भाग रहे हैं। वनों से सटे जंगलों में खड़ी फसल को काफी नुकसान पहुंचा हैं। अगर विभाग ने जल्द आग पर काबू नहीं पाया तो आबादी में जंगली जानवरों के आतंक के कारण जीना मुश्किल हो जाएगा। क्षेत्र में वैसे भी आए दिन गुलदार का आतंक बना रहता है। गुलदार ने अब तक दर्जनों पशुओं को निवाला बना लिया। लेकिन शिकायत करने के बाद भी वन विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया।
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