मेरठ। दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के 82.15 किमी लंबे कॉरिडोर का उद्घाटन रविवार को हो गया। इसी के साथ दिल्ली से आसपास के क्षेत्रों को जोड़ते हुए सात और कॉरिडोर भी प्रस्तावित हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दस सालों में ये कॉरिडोर जमीन पर उतर सकते हैं। इससे अत्याधुनिक परिवहन की सेवाओं को नया आयाम मिलेगा।
आधुनिक और बेहतर परिवहन सेवा के तौर पर आने वाले समय में नमो भारत कॉरिडोर का विस्तार संभव है। इसे दिल्ली से गुरुग्राम होते हुए अलवर तक तथा दिल्ली से पानीपत तक शुरू किया जा सकता है। इसके अलावा दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-पलवल कॉरीडोर, गाजियाबाद-खुर्जा, दिल्ली-बहादुरगढ़-रोहतक, गाजियाबाद-हापुड़, दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत कॉरीडोर का भी प्रस्ताव बना हुआ है। एनसीआरटीसी के मुताबिक फेस प्रथम में दिल्ली गाजियाबाद मेरठ कॉरिडोर शुरू किया गया है। ये प्रस्ताव अभी किस स्तर पर हैं इसका परीक्षण किया जा रहा है। अन्य कॉरिडोर के लिए भी प्रस्ताव आए हैं। ऐसा होने पर न केवल आवागमन आसान हो जाएगा बल्कि सड़कों पर यातायात का दबाव भी कम होगा।