मेरठ। सेंट्रल मार्केट को बाजार स्ट्रीट में तब्दील करने की कवायद में व्यापारी जुटे हुए हैं। कैंट विधायक की ओर से बीते दिनों व्यापारियों से वार्ता कर आवास विकास अधिकारियों के साथ बैठक कर दस्तावेज जमा किए गए। अब सुप्रीम कोर्ट के पूरे बाजार को ध्वस्त करने के आदेश के बाद से व्यापारी परेशान हैं। बृहस्पतिवार को सेंट्रल मार्केट में व्यापारियों ने बैठक की। उन्होंने कहा कि एक महीने में महज 20 दुकानदारों ने ही भू-उपयोग परिवर्तन के लिए फार्म भरकर दस्तावेज जमा किए हैं। व्यापारियों ने सभी दुकानदारों से दुकानों की रजिस्ट्री, विक्रय-विलेख तथा सभी दस्तावेज के साथ जल्द से जल्द अधिक से अधिक लगाने की अपील की।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सेंट्रल मार्केट के आवासीय भवन 661/6 में बने कॉम्पलेक्स को 26 अक्तूबर से लगातार दो दिन अभियान चलाकर ध्वस्त किया गया। इसमें 22 दुकानदार थे। इन सभी की दुकानें टूट गईं। अब आसपास ही कई दुकानदारों ने पुन: व्यावसाय शुरू किया है। उधर, सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए बाजार के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए हैं। इसी के साथ आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों को दो माह में रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद से ही व्यापारियों में बेचैनी बढ़ गई है। लगातार जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर रहे हैं। जनप्रतिनिधि भी शासन में पैरवी का राहत दिलाने का भरोसा दिला रहे हैं।
बृहस्पतिवार को सेंट्रल मार्केट में व्यापारियों ने बैठक की। जितेंद्र अग्रवाल अट्टू, मुकेश जैन, महिपाल, बंटी, गौरव विरमानी, शुभम दुबलिश, अजय शर्मा एडवोकेट, दिनेश मखीजा, अमित अग्रवाल आदि मौजूद रहे। जितेंद्र अग्रवाल ने बताया कि नई भू निर्माण एवं विकास उपविधि के अंतर्गत 18 मीटर चौड़े मार्ग पर व्यावसायिक गतिविधियां हो सकती हैं। इसी के तहत राहत की मांग को लेकर दुकानों के विक्रय-विलेख समेत विभिन्न दस्तावेज के साथ फार्म भरकर जमा करने की अपील की गई। अभी तक 20 दुकानदारों ने दस्तावेज जमा किए हैं।
पांच हजार से ज्यादा व्यापारी आ रहे जद में
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आवास विकास ने सेंट्रल मार्केट के साथ ही शास्त्रीनगर योजना में भी 1468 अवैध निर्माण सर्वे में चिह्नित किए हुए हैं। ये भी अब रडार पर हैं। आवास विकास परिषद ने यह सर्वे कराया था। शास्त्रीनगर में घरों में ही शोरूम, रेस्टोरेंट, अस्पताल, होटल, बैंक, सैलून, मर्चेंट स्टोर सहित तक कई प्रतिष्ठान अवैध रूप से संचालित हैं। माधवपुरम में चार सेक्टर में 5963 आवासीय संपत्तियां हैं। इनमें छोटे स्तर पर 327 आवासीय भवनों में व्यावसायिक काम हो रहा है।
ऐसे ही जागृति विहार योजना में करीब साढ़े पांच हजार आवासीय भवन हैं। इनमें से 495 ऐसे हैं जिनमें नियम विरुद्ध व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। शास्त्रीनगर में ए-ब्लॉक से एल-ब्लॉक तक कुल 6106 आवासीय संपत्तियां हैं। इनमें 613 में ऐसी हैं जिनमें शोरूम, कंपनियों के आउटलेट्स, सराफा, डेयरी, रेडीमेड गारमेंट्स, मर्चेंट स्टोर, बेकरी आदि खुल गए हैं। ऐसे ही सेक्टर-1 से 13 तक 6379 आवासीय संपत्ति हैं। इनमें 860 संपत्ति में व्यावसायिक गतिविधियां हो रही हैं। माना जा रहा है कि पांच हजार से अधिक दुकानदार इससे प्रभावित होंगे।