देश मेें 20 करोड़ मुसलमान और मुस्तकबिल का पता नहीं : मुफ्ती कासिम नोमानी
मेरठ। देश में 20 करोड़ मुसलमान हैं और हमारे मुस्तकबिल (भविष्य) का पता नहीं है। राजनीति हो या अन्य मसले, हमारी सुनने वाला कोई नहीं है। शुक्रवार को जली कोठी स्थित मस्जिद कुरैशियान पहुंचे देवबंद दारुल उलूम के मोहतमिम एवं शेखुल हदीस मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने यह बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि इस्लाम को मुस्लिमों से ज्यादा गैरों ने समझा है। नमाज किसी भी सूरत में माफ नहीं है। हर हाल में नमाज अदा करनी है। हराम और हलाल में अंतर समझना होगा। जुआ खेलना, शराब पीना, नशा करना कुरान में हराम करार दिया है। ये सभी बुरी आदतें नमाज और अल्लाह की याद से महरूम कर देंगी।
नोमानी ने कहा कि देश में 20 करोड़ मुसलमान हैं, लेकिन कोई एकता नहीं है। हमें अपने गिरेबान में झांककर देखना होगा। हमारा मुस्तकबिल क्या है। शादियों में फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, डांस, बेपरदगी यह सब हराम है। शादी के कार्ड पर सुन्नत का तरीका लिखते हैं। शादी में ज्यादा खर्च कर रहे हैं। शरीयत के हिसाब से शादी होनी चाहिए। ज्यादा खर्च वाली नहीं बल्कि सबसे कम खर्च वाली शादी बरकत वाली है।
मुफ्ती ने कहा कि अल्लाह ने निकाह की हिफाजत करने का हुकुम दिया है। मर्द निगाह नीची रखे और अपने नफस की हिफाजत रखें। ऐसे ही महिलाएं भी निगाहें नीची रखें और अपनी हिफाजत करें। अल्लाह का हुक्म है जिस बंदे के दिल में राई के दाने के बराबर घमंड है, वो जन्नत में नहीं जाएगा। दूसरों की तरक्की से जलना, बदगुमानी करना, यह सब बड़े गुनाह हैं। उन्होंने मुसलमानों से दीनी और दुनियावीं शिक्षा देने पर जोर दिया। इस दौरान इस्लामिक स्कॉलर मौलाना मशहूदुर्रहमान जमाली, मस्जिद कुरैशियान के इमाम मौलाना साबिर, कारी अनवार, मुफ्ती खालिद, मुफ्ती एजाजुलहक कासमी, मुफ्ती आबिद, हाजी इकराम इलाही, मुफ्ती इम्तियाज सहित अन्य मौजूद रहे।