मुजफ्फरनगर में हुए खतौली रेल हादसे को अभी तक लोग भूल भी नहीं पाए कि रविवार सुबह फिर एक बड़ा रेल हादसा होने से बाल-बाल बच गया। सहारनपुर स्टेशन से ठीक पहले पटरी बीच में से टूटी मिली। अधिकारियों को जैसे ही ट्रैक में फ्रैक्चर की सूचना मिली तो उनमें हड़कंप मच गया। अधिकारी आनन-फानन में मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। तकनीकी टीम ट्रैक ठीक करने में जुटी है।
उल्लेखनीय है कि पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस मुजफ्फरनगर के खतौली में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसकी 14 बोगियां पटरी से उतरी थी और इसमें 22 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 156 से अधिक लोग घायल हो गए थे। हादसे के बाद तत्काल बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे थे। उसके बाद जिला प्रशासन की टीम और पुलिस के साथ ही रेलवे के अधिकारी कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए थे। वहीं युद्धस्तर पर राहत और बचाव का काम शुरु कर दिया गया था। बताया गया था कि ट्रैक पर मरम्मत का काम चल रहा था। यहां से कई ट्रेनों को कासन के साथ धीमी गति से चलाया गया, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि उत्कल एक्सप्रेस की गति काफी तेज थी। हादसा इतना जबरदस्त था कि तीन बोगियां एक दूसरे के ऊपर चढ़ गईं थी। दो बोगी ट्रैक से उतरकर तिलकराम इंटर कालेज की दीवार से टकराकर रुकीं।