मुजफ्फरनगर के भोपा क्षेत्र में चार युवकों ने एक किशोरी को बंधक बनाकर दस दिन तक गैंगरेप किया। आरोपी किशोरी को बदहवास हालत में गंगनहर की पटरी पर फेंक कर फरार हो गए। पीड़िता ने आरोपियों पर उसे मांस खिलाकर धर्म परिवर्तन कराने का भी आरोप लगाया है। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने थाने पर हंगामा करते हुए मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। मामला दो समुदाय से जुड़ा होने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा कायम कर पीड़िता को डॉक्टरी के लिए भेज दिया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
भोपा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी ने घटना के संबंध में मुकदमा कायम कराया। दर्ज मुकदमे के अनुसार छह सितंबर को वह मुजफ्फरनगर की नईमंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव में अपने मामा के घर जा रही थी। वह बस के इंतजार में दोपहर 11 बजे के करीब अपने गांव के बाहर गंगनहर पुल पर आकर खड़ी हो गई, तभी वहां पहुंचे गांव के ही सलीम पुत्र इकबाल, असलम, अकरम, अय्यूब पुत्रगण यामीन कार से उसे मामा के गांव छोड़ने की बात कही। आरोपी गांव के होने के कारण वह कार में बैठ गई। आरोप है कि रास्ते में चारों आरोपियों ने किशोरी के कनपटी पर तमंचा लगाकर अपहरण कर उसे किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। आरोप है कि वहां उसे बंधक बना कर चारों ने उसके साथ गैंगरेप किया। आरोप है कि आरोपियों ने दस दिनों तक उसे बंधक बना कर गैंगरेप किया। प्रतिदिन जबरन उसे नशे की गोलियां भी देते थे। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसे मांस खिलाने का भी प्रयास किया गया, जिससे उसे उल्टी लगने लगी और उसकी हालत बिगड़ती चली गई। आरोप है कि युवकों ने उस पर धर्म परिवर्तन के लिए भी दबाव बनाया। हालत खराब होती देख आरोपी उसे गंगनहर पुल पर फेंककर चले गए, जबकि उसके कपडे़ और बैग उनके पास ही हैं। आरोपियों ने घटना का जिक्र करने पर परिवार सहित जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने घर पहुंच सारी घटना परिजनों को बताई।
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