मेरठ। कोरोना काल में सबसे अधिक असर मेरठ विकास प्राधिकरण के विकास कार्यों पर पड़ा। पूरे वर्ष सिर्फ एक ही बोर्ड बैठक का आयोजन हो सका। कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री कार्यालय से पिछले चार वर्षों में प्राधिकरण द्वारा कराए गए विकास कार्योँ की रिपोर्ट मांगी गई थी। जिसके लिए एमडीए ने छह कार्यों की रिपोर्ट तैयार की है। शुक्रवार को एमडीए उपाध्यक्ष इन कार्यों का प्रेजेंटेशन भी देखेंगे।
एमडीए की तरफ से गंगानगर विस्तार योजना में नए पॉकेट का निर्माण, 45 मीटर चौड़े महायोजना मार्ग का निर्माण, शताब्दीनगर में एयरपोर्ट एन्कलेव का निर्माण, पीएम आवास में भवनों का निर्माण, बागपत रोड पर मलियाना फ्लाईओवर से दिल्ली-बाईपास पर पथ-प्रकाश व्यवस्था, कमिश्नरी चौराहे से हजारी की प्याऊ तक मार्ग प्रकाश व्यवस्था का कार्य किया गया। इसके अलावा कई विकास कार्यों का टेंडर भी किए गए, लेकिन धन की कमी के चलते इन्हें पूरा नहीं किया गया।
गंगानगर विस्तार योजना - इस योजना में पांच पॉकेट डब्लू, वी, क्यू, आर और एस का नियोजन किया गया। इसके अंतर्गत 120 वर्ग मीटर से 200 वर्ग मीटर तक के 936 आवासीय भूखंड, 19 व्यावसायिक भूखंड, एक हेल्थ सेंटर, दो इंटर कॉलेज के भूखंड और दो पेट्रोल पंप के भूखंड सृजित किए गए। इसके विक्रय से 500 करोड़ की आय होगी।
45 मीटर चौड़ा महायोजना मार्ग - मवाना रोड से परीक्षितगढ रोड को जोड़ने वाले दो किमी मार्ग का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इसके बन जाने के बाद बाहरी वाहनों का मेरठ शहर में आवागमन का दबाव कम हो जाएगा। इस पर 20 करोड़ 58 लाख रुपये का खर्च आएगा।
एयरपोर्ट एंक्लेव का निर्माण - शताब्दीनगर आवासीय योजना के सेक्टर-10 में एयरपोर्ट एंक्लेव के तौर पर 528 फ्लैट और विला का निर्माण किया गया। इस पर लगभग 77 करोड़ 24 लाख का खर्च आया है।
पीएम आवास - जिले में चार स्थानों पर एमडीए की तरफ से 1088 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। इस पर अभी तक 17 करोड़ 36 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। परियोजना को अगस्त 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा।
मलियाना ओवरब्रिज से दिल्ली बाईपास तक पथ प्रकाश- बागपत रोड को जगमग करने के लिए एमडीए ने दो किलोमीटर में पथ प्रकाश का कार्य कराया है। इस कार्य पर 64 लाख रुपये खर्च हुए। मार्ग पर 236 एलईडी लाइटें लगाईं गईं हैं।
कमिश्नरी चौराहे से हजारी प्याऊ तक 0.8 किमी मार्ग पर 34 लाइटें लगाईं गईं।