सीओ ने बताया कि मायके से आने के बाद रामकुमार ने मुनेश के साथ मिलकर मांगेराम को रास्ते से हटाने की योजना बना ली। 19 मार्च की रात में रामकुमार छत के रास्ते जीने से होते हुए उसके घर आ गया। इससे पहले मुनेश ने अपने पति को सब्जी में नशे की तीन गोलियां मिलाकर दे दी थी। मांगेराम ने सब्जी कड़वी होने की बात कहकर केवल एक रोटी खाई। योजना के अनुसार रात में मुनेश ने मांगेराम के पैर दबा लिए और रामकुमार ने उसका गला घोंट दिया। इसी दौरान मांगेराम का छोटा पुत्र अभिलक्ष्य जाग गया और मां से पूछा कि क्या हो रहा है। उसने बच्चे को यह कहकर सुला दिया कि कुछ नहीं है। इसके बाद वह अपने बच्चे के पास सो गई। रामकुमार भी मुंह पर कपड़ा लपेटकर जीने के रास्ते चला गया।
सीआ के अनुसार मुनेश ने थाने में बताया कि रामकुमार ने कहा था कि वह कुछ नहीं होने देगा और मांगेराम के मरने की जानकारी किसी को नहीं होगी। पुलिस की पूछताछ में मुनेश पूरी तरह टूट गई और रो-रोकर सारी बात बता दी। पुलिस ने मुनेश और रामकुमार का हत्या के आरोप में चालान किया है।
सीओ सदर ने बताया कि वसीम के बारे में पूरी जानकारी की जा रही है। उसके बाद ही उसके खिलाफ कोई कार्रवाई की जा सकेगी। इस दौरान थाना प्रभारी अमित शर्मा भी उपस्थित रहे।
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