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बिना अनुमति लगवाई गई साप्ताहिक पैठ को हटवाया

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पुलिस की चेतावनी के बाद साप्ताहिक पैंठ के दुकानदार सामान समेटक लादते हुए। (मवाना)
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मवाना। नगर पालिका की बिना अनुमति के तहसील के निकट मैदान में लगने वाली साप्ताहिक पैठ को लगवा दिया गया। नगर पालिका की शिकायत पर पुलिस फोर्स को बुलाकर साप्ताहिक पैठ को हटवा दिया गया।
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नगर के व्यापारियों ने तहसील के निकट मैदान में लगने वाली साप्ताहिक पैठ का विरोध किया जा रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि पैठ में घटिया सामान बेचा जाता है। जिससे नगर के व्यापार पर असर पड़ रहा है। रविवार के दिन जाम की स्थिति साप्ताहिक पैठ के कारण मुख्य मार्ग पर बन जाती है। जिस कारण बीते तीन चार रविवार से साप्ताहिक पैठ नहीं लग पा रही है। साप्ताहिक पैठ में दुकान लगाने वाले दुकानदार पैठ लगाने की मांग करते आ रहे हैं।

वहीं अभी तक नगर पालिका द्वारा तहसील के निकट लगने वाली साप्ताहिक पैठ का ठेका नहीं छोड़ा गया है। पालिका बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से साप्ताहिक पैठ का ठेका छोडे जाने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया था। रविवार को सुबह से ही तहसील के निकट मैदान में और पालिका के निकट रामलीला मैदान में पैठ लगनी शुरू हो गई। काफी संख्या में दुकानदारों ने पहुंचकर दुकानें, फड आदि लगा लिए। जैसे ही जानकारी पालिका अधिकारियों को हुई, तो इसकी शिकायत पुलिस से की गई। जिस पर थाना प्रभारी आरएएफ की दो कंपनियों के साथ पहुंचे और चेतावनी देते हुए दुकानदारों को सामान समेटने की चेतावनी दी। दुकानदार सामान समेटकर चले गए।
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नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार का कहना है कि पालिका की ओर से पैठ नहीं लगवाई गई। इसी कारण साप्ताहिक पैठ को हटवाना पड़ा। साप्ताहिक पैठ हटवाए जाने के विरोध में दुकानदारों ने मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए हाथ में गंगाजल लेकर चेतावनी दी कि आने वाले चुनाव में भाजपा को सबक सिखाया जाएगा।



नगर पालिका के कर लिपिक उमेश कुमार ने थाने में दी तहरीर में बताया है कि पालिका ने साप्ताहिक पैठ लगाने के लिए अभी ठेका नहीं छोड़ा है। 11 मई को पालिका की बिना अनुमति के पालिका मैदान में अवैध रूप से पैठ लगवाई गई। अवैध पैठ लगवाने वालों के समर्थन में दो लोगों ने जबरन पैठ लगवाई। दोपहर 12 बजे जब वह पालिका कर्मचारियों के साथ पैठ हटवाने गए, तो दोनों आरोपियों ने कुछ लोगों के साथ गाली गलौच की। जान से मारने की धमकी देते हुए धक्का-मुक्की कर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की। साथ गए अनुसूचित जाति के कर्मचारी धनेंद्र कुमार व दीपक जो दुकानदारों का नाम रजिस्टर में नोट कर रहे थे, का रजिस्टर फाड़ डाला, जाति सूचक शब्द कहते हुए थप्पड मार दिए। रिपोर्ट दर्ज कर विधिक कार्रवाई करने की मांग की है।
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