फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर, फिर बाढ़ की आहट

विज्ञापन
विज्ञापन
हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र में गंगा किनारे बसे गांव फतेहपुर प्रेम के समीप टूटे तटबंध को दुरुस्त करने के कोई प्रबंध अभी होते नजर नहीं आ रहे हैं। जबकि गंगा का जलस्तर फिर से बढ़ना शुरू हो गया है, जिससे फिर बाढ़ की आहट सुनाई दे रही है। भयभीत ग्रामीणों का कहना है कि अगर टूटे तटबंध को दुरुस्त नहीं किया गया तो इस बार हालात और भी ज्यादा खराब होंगे।
विज्ञापन


खादर क्षेत्र में 13 जुलाई को फतेहपुर प्रेम गांव के समीप से तटबंध टूट गया था, जहां से गंगा के पानी ने निकलकर तबाही मचाई और खादर क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। तुरंत पीएसी की बाढ़ राहत कंपनी के साथ एसडीआरएफ की टीम राहत और बचाव कार्य में लगाई गई थी। करीब एक सप्ताह तक खादर क्षेत्र में तबाही मचाने के बाद गंगा की धारा शांत हुई और लोगों ने राहत की सांस ली, परंतु टूटे तटबंध से अभी भी गंगा का पानी बाहर की ओर निकल रहा है।
ग्रामीणों को उम्मीद थी कि गंगा का जलस्तर कम होने पर टूटे तटबंध को प्रशासन स्तर से दुरुस्त किया जाएगा, परंतु अभी टूटे तटबंध को दुरुस्त नहीं किया जा रहा है। जबकि गत शनिवार से एक बार फिर गंगा के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है। बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि शनिवार शाम पांच बजे से गंगा का जलस्तर बिजनौर बैराज से एक लाख 15 हजार क्यूसेक चल रहा है। जो लगातार टूटे तटबंध से भी बाहर निकल रहा है।
विज्ञापन



- टूटे तटबंध से भयभीत हैं ग्रामीण
पिछली 13 जुलाई से खादर क्षेत्र के फतेहपुर प्रेम गांव के समीप से तटबंध टूटा हुआ है, जिसे अभी तक दुरुस्त नहीं किया गया है। इसे दुरुस्त करने की ग्रामीण लगातार अधिकारियों से मांग कर रहे हैं, परंतु अभी तक तटबंध को दुरुस्त करने की कोई कवायद यहां शुरू नहीं हुई है। ग्रामीण चिंतित हैं कि अगर पहाड़ी क्षेत्रों में और बारिश होती है तो खादर क्षेत्र में फिर बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं, इस बात को लेकर वह लगातार प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं।


-ग्रामीणों ने कहा- हालात ठीक नहीं
खादर क्षेत्र के दर्जनों गांव के ग्रामीण अभी भी बाढ़ के दंश को नहीं भूल पा रहे हैं। लतीफपुर निवासी सेवा सिंह, सरजीत सिंह, शांति बाई आदि ने बताया कि बाढ़ का पानी घरों में पानी भरने से मकानों की छतों पर रात-दिन बिताए। बारिश और रात के घनघोर अंधेरे में रहने के बाद अब वह बाढ़ के इस मंजर को नहीं भूल पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर खादर क्षेत्र में दोबारा बाढ़ की स्थिति बनती है तो वह गांव से पलायन करने के लिए तैयार रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें