हापुड़ जिला निवासी एक महिला ने एडीजी जोन प्रशांत कुमार से मिलकर न्याय मांगा। कहा कि उसके साथ 16 लोगों ने दुष्कर्म किया। इसका नामजद मुकदमा भी दर्ज है। लेकिन वह इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। कुछ प्रभावशाली लोग इन आरोपियों को बचाने की कोशिश में लगे हैं।
पीड़िता ने बताया कि करीब 10 साल पूर्व उसका बाल विवाह हापुड़ निवासी एक युवक से हुआ था। उसने एक बेटे को जन्म दिया। लेकिन उसके बाद तलाक हो गया। परिजनों ने 10 हजार रुपये लेकर दूसरे युवक से उसकी शादी करा दी। इस युवक से भी उसे एक बेटा हुआ।
पीड़िता के अनुसार उसके पहले पति ने बाबू नाम के आरोपी से कुछ रुपया कर्ज लिया था। दोनों ने कर्ज तो चुकता कर दिया। लेकिन ब्याज के बदले आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। जिसके बाद उसके साथ दुष्कर्म का सिलसिला चलता रहा। इसी बीच उसने एक और बच्चे को जन्म दिया।
इसके बाद वक्त की ऐसी मार पड़ी कि दो से तीन साल के अंतराल में वह कई बार दुष्कर्म तो सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई। कहीं तो उसे बेचा भी गया। महिला आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप के बाद उसने बाबूगढ़ थाने में 16 आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया। लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। अब भी पुलिस उनकी सुनवाई नहीं कर रही। तरह-तरह से दबाव बनाया जा रहा है। वह जान बचाकर छिपने को मजबूर हैं। एडीजी ने न्यायोचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
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