मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री का मामले में बृहस्पतिवार को सीसीएसयू की ओर से मामले की जांच के लिए मेडिकल थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं यह मामला राजभवन तक भी पहुंच गया है।
बता दें कि रजिस्ट्रार ऑफिस की ईमेल द्वारा फर्जी डिग्री को सही बताने के संबंध में छात्रों ने भी रजिस्ट्रार से शिकायत की और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। सुरेश चिमकोडे ने वर्ष 2024 में खुद को सीसीएसयू से इंजीनियरिंग में पीएचडी उत्तीर्ण होना दर्शाया है। अगस्त में रजिस्ट्रार ऑफिस से इस काॅलेज को सुरेश चिमकोडे की डिग्री को सही बताते हुए ईमेल पर रिपोर्ट भेजी गई। काॅलेज ने शक होने पर छात्र की यह डिग्री किसी तीसरे माध्यम से सीसीएसयू में कुलपति कार्यालय को दोबारा जांच के लिए भिजवा दी। जांच हुई तो डिग्री फर्जी निकली।
सपा लोहिया वाहिनी के जिला अध्यक्ष शशिकांत गौतम ने कहा यह बहुत गंभीर मामला है। ऐसे प्रकरणों से अन्य राज्यों में भी विश्वविद्यालय की बदनामी हो रही है। अब रजिस्ट्रार ऑफिस की ईमेल आईडी भी सुरक्षित नहीं है। इससे पहले छात्रों का डाटा लीक हो चुका है, उसमें भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई थी। इस प्रकरण में रजिस्ट्रार कार्यालय के स्टाफ के लोग मिले हुए हैं। विश्वविद्यालय वैसे तो नेक ग्रेड ए पल्स है, लेकिन इसके बावजूद ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।
छात्रों ने की यह मांग
रजिस्ट्रार ऑफिस की ईमेल आईडी से इंजीनियरिंग में पीएचडी की डिग्री को वैध बताने की फर्जी रिपोर्ट में छात्रों ने कार्रवाई की मांग की है। पूरे मामले में राजभवन से शिकायत कर प्रकरण की किसी बाहरी एजेंसी के तकनीकी विशेषज्ञों से जांच की मांग की गई है।