मेरठ। श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर असोड़ा हाउस में दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति संस्कार शिक्षण शिविर में पंडित सर्वज्ञ शास्त्री रत्नकरंड श्रावकाचार का प्रेरणादायी अध्ययन कराया गया। पंडित सर्वज्ञ ने कहा कि जैन धर्म में मोक्ष मार्ग का मूल आधार सम्यक् दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र है। जब तक जीव को सच्चे देव, सच्चे शास्त्र एवं सच्चे गुरु की पहचान नहीं होती। तब तक आत्मकल्याण का मार्ग स्पष्ट नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि सच्चे देव वे हैं जो राग-द्वेष से रहित, वीतराग एवं सर्वज्ञ होते हैं। सच्चे शास्त्र वे हैं जो आत्मा के कल्याण एवं मोक्ष मार्ग का यथार्थ उपदेश देते हैं। इस अवसर पर संजय जैन, हेमचंद जैन, मनोज जैन, रचित जैन, कुसुम जैन, सुनीता जैन, पूनम जैन, दीपा जैन रहीं।