मौके पर कार्बेट पार्क के पशु चिकित्सक डॉ. दुष्यंत शर्मा व डॉ. आयुष उनियाल की टीम भी पहुंच गई। चिकित्सकों के अनुसार बाघिन की आयु लगभग नौ वर्ष रही होगी। उसके शरीर पर चोट व खरोंच के निशान मिले हैं। जिससे लगता है कि उसका किसी अन्य बाघ से संघर्ष हुआ है। जिसमें वह जख्मी हुई है। उसके घाव में कीड़े पड़े हैं। संघर्ष लगभग चार दिन पुराना लगता है। पोस्टमार्टम कर उसके शव को वन अधिनियमों के अनुसार जला दिया गया।
बाघ की निगरानी शुरू
कार्बेट नेशनल पार्क के निदेशक राहुल के अनुसार बाघिन की मौत के बाद अब वन विभाग ने दूसरे बाघ की निगरानी शुरू कर दी है। उसे भी कोई चोट लगी होने से उसके जीवन को भी खतरा हो सकता है। गश्ती दलों को सतर्क कर दिया गया है।
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