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लोहियानगर में शहर विधायक की जमीन पर कब्जा लेने पहुंची टीम विरोध के बाद लौटी

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मेरठ। लोहियानगर क्षेत्रांतर्गत शहर विधायक को आवंटित जमीन पर कब्जा दिलाने गई मेरठ विकास प्राधिकरण मेडा की टीम को बैरंग लौटना पड़ा। मेडा की ओर से बीते दिनों ई-नीलामी की गई थी। इसमें एक प्लॉट शहर विधायक रफीक अंसारी का बताया जा रहा है। सोमवार को मेडा की टीम पुलिस संग जमीन पर कब्जा लेने पहुंची तो किसानों ने भारी विरोध किया। इसके बाद मेडा पहुंचे किसानों और उनके अधिवक्ताओं ने मेडा सचिव के समक्ष पक्ष रखा। उधर, विधायक का कहना है कि जमीन ई-नीलामी में ली गई है। कब्जा दिलाना मेडा का काम है।
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मेडा की ओर से बीते दिनों लैंड मॉनीटाइजेशन किया गया था। इसके तहत मेडा के पूर्व उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने विभिन्न योजनाओं में चारागाह, टेलीफोन एक्सचेंज, पोस्ट ऑफिस आदि की जमीन जो मौजूदा समय में प्रयोग में नहीं है। उनकी प्लॉटिंग कर नीलामी की गई थी। सोमवार को मेडा की टीम जमीन पर कब्जा लेने गई थी। इसी बीच दर्जनभर किसान इकट्ठा हो गए और मेडा की टीम का घेराव किया। किसानों का कहना था कि मेडा की ओर से जमीन लेकर उन्हें मुआवजा नहीं दिय गया, ऐसे में कब्जा नहीं दिया जाएगा। किसानों की संख्या बढ़ने लगी तो मेडा की टीम जमीन पर कब्जा लिए बिना वापस लौट आई। थोड़े ही समय बाद किसान और उनके अधिवक्ता मेडा सचिव से मिले और मुआवजे की मांग की।
मेडा सचिव आनंद कुमार सिंह ने बताया कि मेडा टीम जमीन पर कब्जा लेने गई थी लेकिन कब्जा नहीं ले पाई। उन्होंने बताया कि दरअसल किसानों के अधिवक्ता की ओर से प्रत्यावेदन आवास एवं शहरी नियोजन के स्थान पर किसी अन्य विभाग को भेज दिया गया। प्राधिकरण को उनकी ओर से कोई आवेदन या मांग पत्र नहीं मिला है। दूसरी ओर, शहर विधायक रफीक अंसारी का कहना है कि उनकी ओर से मेडा की संपत्ति को ई-नीलामी में बोली लगाकर पारदर्शिता के साथ खरीदा गया है। वहां पर बसें आदि खड़ी करके अवैध कब्जा किया हुआ है। उन्होंने कहा कि न तो वह स्वयं और न ही उनका कोई साथी जमीन पर कब्जा लेने नहीं गया। मेडा ने जमीन दी है, ऐसे में कब्जा दिलाना भी उनका ही काम है।
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