मवाना। विद्युत निगम के अधिकारियों तथा लाईनमैनों पर लगातार नियम विरुद्ध तरीके से कार्य करने का आरोप लगाते हुए उंगली उठ रही हैं तथा शिकायत लखनऊ तक की गई है। इसी मामले में बृहस्पतिवार को जांच के लिए पहुंची टीम ने स्थानीय विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को दर किनार कर मौके पर जाकर गोपनीय जांच की।
उल्लेखनीय है कि लगातार विद्युत निगम पर नियम विरुद्ध तरीके से बिजली के कनैक्शन जारी करने, बिजली के मीटर लगाने तथा संविदा कर्मचारियों पर बिजली चोरी कराने के आरोप लग चुके हैं। इस संबंध में पीड़ित लोगों का वीडियो भी कई बार वायरल हो चुका है। लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने इसको गंभीरता से नहीं लिया तथा दोषी कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करना गवारा नहीं किया।
विवश होकर लोगों ने मेरठ और सीएम पोर्टल पर शिकायत करनी शुरु की। जिसके बाद आज एक तीन सदस्य टीम मवाना पहुंची तथा उसने इकराम नगर, नागर कालोनी से जहां-जहां की शिकायतें उनके पास थी, मौके पर जाकर जांच की। जांच पूरी गोपनीयता के साथ की गई तथा स्थानीय अधिकारियों व कर्मचारियों को भी साथ नहीं लिया गया। इस संबंध में अधिशासी अभियंता देशराज सोनी से पूछे जाने पर उनका कहना था कि उनको जानकारी हुई है कि मेरठ डिविजन से एक टीम ने मवाना डिविजन एक व दो की शिकायतों की जांच गोपनीय तरीके से की है।
दो सदस्यीय जांच क मेटी गठित
मवाना। मुख्यमंत्री के पोर्टल पर आनलाइन विद्युत संविदा कर्मचारी के खिलाफ की गई शिकायत में सहायक अभियंता ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि दो सदस्य जांच समिति गठित की गई है। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि मोहल्ला कल्याण सिंह निवासी विजय ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर आनलाइन शिकायत की थी। जिसमें कहा था कि मोहल्ला मुन्नालाल के पास निर्धारित दूरी से अधिक तथा फर्जी हाउस टैक्स की रसीद पर संविदाकर्मी ने कनेक्शन करा दिया। संविदाकमी की मिलीभगत होने के कारण शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आरोपी संविदाकर्मी ने अवैध कनेक्शन और चैकिंग के नाम पर अवैध वसूली कर रखी है। उक्त संविदाकर्मी से मवाना की जनता बहुत अधिक परेशान है। नागर कालोनी में 11 खंभे अवैध रुप से लगवा दिए हैं। कई बिंदुओं पर की गई शिकायत में जांच कराकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सहायक अभियंता (रा.) नेहा सिंह ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि विजय की शिकायत पर उल्लेखीत बिंदूओं की जांच के लिए दो सदस्य जांच समिति गठित कर दी गई है। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई कर दी जाएगी।