मोदीपुरम। 70 सालों में देश की सरकारों ने सवर्णों से भेदभाव किया है। बाबा साहेब आंबेडकर ने दस वर्ष के लिए आरक्षण की व्यवस्था की थी। केंद्र सरकारों ने स्वार्थ के चलते इसे बरकरार रखा है। इससे न केवल सवर्णों का शोषण हुआ है, वरन समाज हाशिये पर चला गया है। ये विचार पल्लवपुरम स्थित जिला कार्यालय पर बुधवार को पहुंचे राष्ट्रीय जन लोक पार्टी के संरक्षक शेर सिंह राणा ने रखे।
बैठक में मुस्लिम राजपूत वर्ग के लोगों ने भाग लिया। शेर सिंह राणा ने कहा कि एससी/एसटी एक्ट काला कानून है। यह समाज में भेदभाव बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि इस काले कानून से समाज का 80 फीसदी तबका पीड़ित है। जिसमें सवर्ण, ओबीसी, अल्पसंख्यक आते हैं। सवर्णों को जोड़ने के लिए गांव, कस्बा एवं नगरों आदि में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जब तक सरकार इस काले कानून में परिवर्तन नहीं करती संघर्ष जारी रहेगा। बुलंदशहर से आए मुफ़्ती आसिफ ने बताया कि इस काले कानून का डटकर विरोध करना चाहिए। हमारा युवा पढ़ लिखकर भी आरक्षण का दंश झेल रहा है। उन्होंने कहा कि देश में आरक्षण का आधार आर्थिक होना चाहिए। यहां मौलाना नावेद राणा, मौलाना शम्स तबरेज, राशिद चौहान, राहत राणा, शेखर दुल्हेड़ा, मोंटी दुल्हेड़ा आदि मौजूद रहे।