-आरोपियों के पास से पुलिस को तीन मोबाइल व 17 सौ रुपये बरमाद हुए
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की मेरठ इकाई ने बृहस्पतिवार को सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से लाखों रुपये ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों मुरादाबाद निवासी असरफ अली व चंदौसी निवासी विवेक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को मुरादाबाद जनपद के डिलारी कसबे से पकड़ा। आरोपी फर्जी ज्वाइनिंग लेटर और पहचान पत्र तैयार कर अभ्यर्थियों को असली भर्ती का भरोसा दिलाते थे। दोनों आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और 17 सौ रुपये नकद बरामद किए हैं।
एसटीएफ मेरठ इकाई एएसपी बृजेश सिंह ने बताया कि आरोपी असरफ अली और विवेक दो वर्षों से सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को निशाना बना रहे थे। एसटीएफ को सूचना मिली थी कि गिरोह सरकारी विभागों में भर्ती कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से आठ से दस लाख रुपये तक वसूल रहा है। बृहस्पतिवार सुबह 2:25 बजे डिलारी के नूरी चौराहा स्थित टंकी वाले रास्ते से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर भारतीय रेलवे, भारतीय सेना, भारतीय डाक विभाग, वन रक्षक, दिल्ली विकास प्राधिकरण और दिल्ली पावर कॉरपोरेशन समेत विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। रुपये लेने के बाद गिरोह के सदस्य दिल्ली से फर्जी ज्वाइनिंग लेटर अभ्यर्थियों के ई-मेल पर भेजते थे। तय तिथि पर युवाओं को दिल्ली बुलाकर संबंधित कार्यालयों के आसपास घुमाते, होटल में ठहराते और बाद में फर्जी पहचान पत्र देकर एक सप्ताह की कथित ट्रेनिंग भी कराते थे। इसके बाद उन्हें दोबारा बुलाने का बहाना बनाकर वापस भेज दिया जाता था।
एएसपी के मुताबिक गिरोह अब तक करीब 20 से 25 युवकों को इस तरह ठगी का शिकार बना चुका है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और ठगी से जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। एएसपी का कहना है कि आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
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