सरधना। मोहल्ला इस्लामाबाद में शादी के दो माह बाद ही शाहीन (23) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। आरोप है कि पति निशात आलम, सास शबनम, ससुर वजरूद्दीन और देवर याहिया शव मेरठ के लोहियानगर के जौहर हॉस्पिटल में छोड़कर भागने लगे तो स्टाफ ने उन्हें पकड़ लिया। मायके वालों ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। परिजनों का आरोप है कि शाहीन के पति ने उनके सामने हत्या करना स्वीकार किया है। पुलिस ने आरोपियों के रिपोर्ट दर्ज कर पति और ससुर को गिरफ्तार कर लिया।
मेरठ के थाना लोहियानगर थाना क्षेत्र के नूर गार्डन निवासी इरफान की बेटी शाहीन की शादी दो माह पहले सरधना के मोहल्ला इस्लामाबाद निवासी निशात आलम के साथ हुई थी। निशात एसी और फ्रिज रिपेयरिंग का काम करता है। आरोप है कि शादी के बाद पति, सास-ससुर और देवर दहेज में कार की मांग कर शाहीन को प्रताड़ित करते थे। शनिवार सुबह आरोपियों ने मायके पक्ष को फोन पर बताया कि शाहीन की तबीयत खराब है। इलाज के लिए मेरठ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
लोहियानगर पुलिस अस्पताल में पहुंची। लेकिन मामला सरधना थाना क्षेत्र का था। सीओ सरधना संजय जायसवाल का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पति और ससुर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट होगा।
पहले कहा-बंदर के हमले में हुई मौत
मायके वाले अस्पताल पहुंचे तो वहां शाहीन का शव स्ट्रेचर पर था। परिजनों के मुताबिक ससुराल वाले पहले कह रहे थे कि बंदरों के हमले में शाहीन की मौत हुई है। उन्होंने शाहीन के शरीर पर निशान देख कहा कि ये बंदरों के हमले के नहीं हैं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हो जाएगा। परिजनों के मुताबिक इस पर पति ने कबूल किया कि मेरे परिवार वालों ने शाहीन के हाथ-पैर पकड़े और मैंने तकिए से मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद परिजनों ने आरोपियों को मौके पर पहुंची पुलिस के हवाले कर दिया।
मेहंदी का रंग फीका नहीं पड़ा, मौत की नींद सुला दिया
शाहीन के मायके पक्ष के लोगों ने बताया कि शादी के बाद शाहीन दूसरी बार ही ससुराल में रहने के लिए आई थी। अभी उसके हाथ की मेहंदी का रंग भी फीका नहीं पड़ा था। दहेज में बुलेट बाइक दी थी। आरोपी कार की मांग कर रहे थे। आरोपी उसे प्रताड़ित कर रहे थे, लेकिन शाहीन ने मायके में कुछ नहीं बताया। उसकी खामोशी का फायदा उठाकर आरोपियों ने उसे मौत की नींद सुला दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो परिजनों का रोते हुए बुरा हाल हो गया। बाद में गमगीन माहौल के बीच शव सुपुर्द-ए-खाक किया गया।