रेलवे ट्रैक पर मिले शव की स्थिति साफ नहीं
खरखौदा। मेरठ-खुर्जा रेलवे ट्रैक पर उलधन फाटक के समीप एक सप्ताह पहले क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला था। उसकी शनाख्त कस्बा निवासी थाने के टॉप टेन सूची में शामिल गैंगस्टर के रूप में हुई थी। कस्बे में चर्चा है कि उक्त अपराधी की मौत नहीं हुई वह खुलेआम घूम रहा है। उसने किसी अन्य की हत्या कर शव ट्रैक पर रख दिया था। पुलिस ने इस मामले की पुन: जांच की।
बीते रविवार को मेरठ-खुर्जा रेलवे ट्रैक पर उलधन अंडरपास के समीप युवक का क्षत-विक्षत शव मिला था। कस्बा निवासी मुरारी ने उसकी शनाख्त अपने बेटे संदीप के रूप में की थी। वहीं, पुलिस रिकार्ड में संदीप थाने की टॉप टेन लिस्ट में शामिल था। उसके खिलाफ गैंगस्टर समेत करीब आठ मुकदमे दर्ज थे। चर्चा रही कि संदीप शातिर अपराधी था। उसने पुलिस से बचने के लिए किसी अन्य का शव रेलवे ट्रैक पर रख दिया। हादसे दो दिन बाद संदीप को देखा गया था। इस पर पुलिस ने उसके पिता मुरारी को थाने में बुलाया। यहां उसने शव बेटे संदीप का बताया था। मुरारी का कहना है कि संदीप हापुड़ से मेरठ के बीच टेंपो चलाता था। वह हापुड़ में रहता था। घटना के दिन वह थ्रीव्हीलर चलाकर शाम के वक्त हापुड़ चला गया था। यहां से वह कहां गया इसकी जानकारी किसी को नहीं लगी। अगली सुबह करीब चार बजे संदीप का अपने छोटे भाई के फोन आया। उसने थ्रीव्हीलर साफ करने के लिए कहा था। हालांकि वह नहीं लौटा। मुरारी ने बेटे की हत्या कर शव को ट्रैक पर रखने का आरोप लगाया है। इस मामले में तहरीर भी दी है।
संदीप के आत्महत्या करने का ठोस कारण स्पष्ट नहीं हो रहा है। वहीं, हत्या का सबूत भी नहीं मिल रहा है। हालांकि इस मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। मृतक एवं उसके सभी दोस्तों की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।-मनीष बिष्ट, इंस्पेक्टर थाना खरखौदा।