मेरठ। सफाई कर्मचारियों ने सोमवार को नगर निगम में नारेबाजी करते हुए अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी को शिकायती पत्र सौंपा। आरोप लगाया कि सफाई नायक खुद ही सभी कर्मचारियों के फर्जी हस्ताक्षर करते हैं। आपत्ति करने पर उनको गैरहाजिरी दर्शाकर वेतन में कटौती करा देते हैं। इसको लेकर कर्मचारियों में आक्रोश है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि सफाई नायक को हटाया जाए, अन्यथा वह हड़ताल पर चले जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान वार्ड-10 में सफाई कर्मचारी न मिलने पर अपर नगर आयुक्त ने सेवा समाप्त करने की चेतावनी दी है। कर्मचारियों की रोजाना उपस्थिति की मॉनीटरिंग शुरू कर दी। इसको लेकर सोमवार को अस्थायी कर्मचारी संघ अध्यक्ष दिनेश सूद और महामंत्री अंकुश महरोल के नेतृत्व में निगम परिसर में हंगामा किया। अपर नगर आयुक्त से शिकायत की है कि बिना जांच के सफाई कर्मचारियों का वेतन न काटा जाए और न ही उनकी सेवा समाप्त की जाए। इसी दौरान कर्मचारियों ने वार्ड में तैनात सफाई नायकों पर आरोप लगाने शुरू कर दिए। कर्मचारियों ने कहा कि सफाई नायक ही फर्जी हस्ताक्षर कर रजिस्टर बनाते हैं, इससे उनका वेतन निकलता है। कर्मचारियों ने एक सफाई नायक का एक वीडियो अपर नगर आयुक्त को दिखाया, इसमें वह खुद ही कर्मचारियों के हस्ताक्षर कर रहे हैं। अपर नगर आयुक्त ने इस प्रकरण में जांच कराने के भी निर्देश तुरंत जारी कर दिए। जांच रिपोर्ट के बाद सफाई नायक पर कार्रवाई करने का आश्वासन सफाई कर्मचारियों को दिया। उसके बाद सफाई कर्मचारी वापस लौट गए।