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फोरेंसिक रिपोर्ट करेगी पाक जासूस का राज फाश

Wed, 09 Dec 2015 01:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ। पाक जासूस मोहम्मद इजाज की रिमांड अवधि खत्म होने के बाद अफसरों की नजरें अब सीबीआई की एफएसएल रिपोर्ट पर है। पुलिस ने इजाज से बरामद गैजेट्स को फोरेंसिक जांच के लिए लैब में भेजा था।
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अब जांच रिपोर्ट यदि पॉजिटिव आती है तो पता चला जाएगा कि इजाज ने अब तक पाकिस्तान में बैठे अपने आईएसआई के आकाओं को भारत की क्या-क्या गोपनीय सूचनाएं भेजी हैं। रिपोर्ट का आंकलन करने के बाद दोबारा से इजाज से पूछताछ भी की जा सकती है।

यूपी एसटीएफ ने 27 नवंबर को इस्लामाबाद पाकिस्तान के इराफानाबाद निवासी आईएसआई एजेंट मोहम्मद इजाज उर्फ मोहम्मद कलाम को भारतीय सेना के गोपनीय दस्तावेजों के साथ मेरठ कैंट स्टेशन के पास से दबोचा था।
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एक के बाद एक हुए खुलासों में सामने आया कि इजाज पाकिस्तान का जासूस है जो इस्लामाबाद स्थित आईएसआई के कैंप से ट्रेनिंग लेकर वाया बांग्लादेश कोलकाता आया था। लंबे समय से भारत की जासूसी कर रहा इजाज वर्तमान में बरेली रह रहा था।

इजाज से बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप, मेमोरी कार्ड और पेन ड्राइव को सदर बाजार पुलिस ने विगत 3 दिसंबर को नई दिल्ली स्थित सीबीआई की फोरेंसिक साइंस लैब को जांच के लिए भेजा था। उधर, कोर्ट से पुलिस रिमांड मिलने के बाद 2 दिसंबर से 7 दिसंबर तक इजाज से पुलिस और खुफिया एजेंसियों के अफसरों ने गहन पूछताछ की थी। लेकिन बेहद शातिर इजाज के सीने में अब भी कई राज दबे हैं।

कई तरीके अपनाए
इजाज ने आईएसआई को सूचना भेजने के लिए ई-मेल के अलावा कई तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया। ऐसे में उसके मोबाइल और लैपटॉप की विशेष तौर पर फोरेंसिक जांच हो रही है। मोबाइल और लैपटॉप से भेजे गए उन ई-मेल और दस्तावेजों को भी वापस लाने की कोशिश की जा रही है, जो पाक जासूस ने डिलीट कर दिए थे।

लैपटॉप, मेमोरी कार्ड, मोबाइल और पेन ड्राइव में सैन्य सुरक्षा से जुड़े दस्तावेजों के मिलने की भी उम्मीद जताई जा रही है। विवेचक धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि एफएसएल अधिकारियों ने नौ दिसंबर तक जांच रिपोर्ट देने की बात की थी। ऐसे में उम्मीद है कि बुधवार (आज) रिपोर्ट मिल जाएगी।

बी वारंट की तैयारी शुरू
विवेचक ने बताया कि कोलकाता में पकड़े गए पाक जासूस इजाज के साथी इरशाद अंसारी, उसके बेटे अशफाक और रिश्तेदार जहांगीर से पूछताछ के लिए बी वारंट दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शीघ्र ही बी वारंट के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया जाएगा।

दुंबई से उजैर राजा इजाज को भेजता था रुपये 
मेरठ। पाक जासूस से रिमांड में हुई पूछताछ से सामने आए तमाम खुलासे के बाद बैंक एकाउंट की जांच में कई नई जानकारी सामने आई हैं। इजाज को आईएसआई की तरफ से की जा रही मदद में दुबई में बैठा उजैर राजा नाम का एजेंट रुपये डालता था। वह इसके अलावा भी कई आईएसआई एजेंट के संपर्क में रहा है।

बता दें कि पाक जासूस से पूछताछ में पहले ही खुलासा हो चुका है कि उसे आईएसआई ही नहीं श्रीनगर, दुबई और सऊदी अरब से मनी ट्रांसफर और हवाला के जरिये उसके सेंट्रल बैंक एकाउंट में रुपये डाले जाते थे। अब पाक जासूस इजाज के सेंट्रल बैंक एकाउंट की जांच में सामने आया कि उसे लाहौर निवासी उजैर राजा खान जोकि अब दुबई में रहता है। वह इजाज के एकाउंट में रुपये डालता था।

इजाज के भाइयों ने बंद किया एफबी एकाउंट  
मेरठ। पाक जासूस इजाज के पकड़े जाने के बाद भी पाकिस्तान में उसके भाईयों के फेसबुक एकाउंट अपडेट होते रहे थे, लेकिन अब अचानक भाईयों ने अपना फेसबुक एकाउंट ही डिलीट कर दिया है। ऐसे में माना जा रहा है कि फेसबुक एकाउंट आईएसआई के इशारे पर डिलीट किया गया है।

गौरतलब है कि इजाज के बड़े भाई मुश्तहाफ और फहद उर्फ किंग की फेसबुक एकाउंट सोमवार तक चल रही थी। जिस पर इजाज से जुड़े तमाम फोटो खुफिया एजेंसियों के हाथ लगे थे।

जिसे खुफिया एजेंसियां सबूत के तौर पर जुटा रही थी। इजाज का छोटा भाई पाक स्थित ब्रिटिश हाईकमीशन में फोटोग्राफर है और उसके पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार, क्रिकेटर शाहिद अफरीदी के साथ भी फेसबुक पर फोटो मिले थे। जिससे माना जा रहा था कि पाक जासूस के रिश्ते पाक सत्ता तक है।

मीडिया में आए फोटो से सक्रिय हुई आईएसआई
भारतीय मीडिया में पाक जासूस के भाईयों के एकाउंट से लिए गए फोटो आम होने के बाद आईएसआई सक्रिय हो गई। इजाज की गिरफ्तारी के बाद भी फहद और मुश्तहाक का एकाउंट अपडेट हो रहा था।

मीडिया में फेसबुक के जरिए फोटो आने की भनक आईएसआई को लगी तो वह सक्रिय हो गई। खुफिया एजेंसियों की मानें तो आईएसआई के दबाव में ही पाक जासूस के भाईयों ने अपना फेसबुक एकाउंट डिलीट किया है।

कहो, इजाज से नहीं कोई संबंध
खुफिया एजेंसियों की मानें तो निश्चित तौर पर फेसबुक एकाउंट बंद कराने के साथ ही आईएसआई अब इजाज के परिजनों पर दबाव बना रहा है ताकि वे इजाज को अपना मानने से ही इंकार कर दे। परिजनों से कहा जा रहा है कि वे इजाज से कोई संबंध होने से इंकार कर दें।

हैदराबाद लैब में होगी जांच
उधर, इजाज के कई फेसबुक एकाउंट मिलने के बाद अब खुफिया एजेंसी उसके फेसबुक एकाउंट की जांच कराएगी। उसके एफबी एकाउंट की जांच हैदराबाद लैब से कराई जाएगी।

एसटीएफ तलाश रही लखनऊ में छिपे इजाज के मददगारों को
लखनऊ। आईएसआई एजेंट इजाज के लखनऊ के संपर्कों की तलाश शुरू हो गई है। उसके फरवरी 2014 में लखनऊ में एक सप्ताह रुके होने की पुख्ता सूचना के बाद यह कवायद शुरू की गई है।

इस बीच एसटीएफ के अधिकारी कोलकाता एसटीएफ व आईबी के अफसरों से संपर्क में हैं। यह जानने की कोशिश हो रही है कि किस इजाज अपने किस साथी के साथ लखनऊ आया था। अभी तक उसके इस अनजान साथी का रहस्य नहीं खुल सका है, जिसके साथ व एक सप्ताह तक कोलकाता और फिर लखनऊ में रुका। इतना ही पता चल सका है कि उसका यह साथी बाद में बंगलादेश चला गया था।

कोलकाता एसटीएफ इस जानकारी को वहां दबोचे गए इजाज के तीन साथियों से पता करने की कोशिश कर रही है। इजाज और उसके साथियों ने कोलकाता में रुकने के दौरान इन तीनों से संपर्क किया था। एसटीएफ के सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय खुफिया एज़ेंसी को अभी यह पता चला है कि इजाज ने लखनऊ में कम से कम दो लोगों से संपर्क किया था। लेकिन किनसे संपर्क किया यह स्पष्ट नहीं हो सका है।

चूंकि इजाज अपने अनजान साथी के साथ यहां आया था, इसलिए इस बात का भी अंदेशा है कि जिनसे यहां मुलाकात हुई, वे आईएसआई के तार से जुड़े रहे हों और इजाज के अनजान साथी की इनसे पुरानी पहचान रही हो। इससे इस बात का भी अंदेशा हो रहा है कि आईएसआई से सीधी जुड़े यह लोग एक अरसे से लखनऊ में सक्रिय रहे हों।

इस बीच एसटीएफ इजाज की लखनऊ में मौजूदगी के दौरान फरवरी 2014 में चारबाग रेलवे स्टेशन से लेकर कैंट क्षेत्र के विभिन्न टावरों से होकर की गई कॉलों दा ब्यौरा हासिल करने की कोशिश में है। इस ब्यौरे से एसटीएफ इजाज के मोबाइल नंबर के नंबर तलाशने की कोशिश में है, जिससे यह पता चल सके कि यहां आकर उसने किस-किस से संपर्क किया।
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