बारिश ने डाला एक्सप्रेसवे के कार्य में खलल
मेरठ। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर फर्राटा भरने में मौसम बाधक बन रहा है। पहले एनजीटी और अब बारिश ने पिछले छह महीनों से एक्सप्रेसवे के कार्य में खलल डाला हुआ है। शनिवार शाम से हो रही तेज बारिश ने एक बार फिर निर्माणाधीन स्थल के पास जलभराव कर दिया। जिससे वहां मौजूद मशीनों से कार्य करना मुश्किल हो जाएगा। वहीं, एनएचएआई के जून-2020 तक कार्य पूरा करने का दावा पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है।
मेरठ स्थित परतापुर तिराहे पर बनाए जा रहे इंटरकनेक्टर का कार्य एक बार फिर एक सप्ताह के लिए अटक सकता है। इससे एक्सप्रेसवे के होली से पहले होने वाले अन्य कार्य भी अटक जाएंगे। वहीं, एनएचएआई को भी इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। पिछले सप्ताह भी दो दिन बारिश होने की वजह से मिट्टी गीली होने के कारण काम रुक गया था। वहीं, एनएचएआई को परतापुर में रेलवे लाइन के ऊपर रविवार से गार्डर रखने का कार्य भी करना है। लेकिन कार्यस्थल पर जलभराव की वजह से कार्य टलने के आसार बन गए हैं। जिससे एक से चार मार्च तक रेलवे से ली गई अनुमति फिर से लेनी पड़ सकती है। परतापुर तिराहे पर मिट्टी का कई फीट ऊंचाई तक बेस तैयार किया गया है। यहां भी सड़क बनाने के लिए अब कई दिनों तक इंतजार करना पड़ेगा।
मेरठ से डासना तक पड़ेगा प्रभाव
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के चौथे चरण में अभी कई स्थानों पर कार्य अधूरा है। यहां मिट्टी का बेस बनाकर ओवरब्रिज को जोड़ा जाना है। ऐसे 13 स्थानों पर अभी ओवरब्रिज के लिए मिट्टी का बेस तैयार नहीं किया गया है। पिछले दिनों सांसद राजेंद्र अग्रवाल और एनएचएआई के अधिकारियों ने डासना से भोजपुर तक निरीक्षण किया था। लेकिन उस समय भी बारिश के कारण कार्य सुस्त गति से चल रहा था। वहीं, शनिवार रात हुई बारिश के बाद एक बार फिर कार्य पर ब्रेक लगने की आशंका है।