खरखौदा में भूमि अधिग्रहण का विरोध करते हुए धरना स्थल पर बैठक करते किसान (संवाद)
धरनास्थल पर हुई बैठक में लिया निर्णय, मजबूती से लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया
गंगा एक्सप्रेस वे किनारे दूसरे चरण के लिए जमीन अधिग्रहण का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। गंगा एक्सप्रेस वे किनारे दूसरे चरण के लिए अधिग्रहण प्रक्रिया को लेकर पिछले एक वर्ष से धरना दे रहे किसानों ने दिवाली मनाने का संकल्प लिया। धरना स्थल पर बैठक में किसानों ने यह निर्णय लिया। उन्होंने जल्द ही एक बड़ी पंचायत बुलाने के लिए भी प्रशासन को चताया है।
किसान संघंर्ष समिति के अध्यक्ष शोराज सिंह त्यागी ने बताया कि शनिवार को धरना स्थल पर किसानों ने बैठक कर संकल्प लिया कि इस अधिग्रहण में प्रभावित 800 किसान दिवाली का नहीं मानेंगे। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन चालाकी दिखाकर ग्राम प्रधानों से पहले सरकारी जमीनों को कब्जे में लेना चाह रहा है, लेकिन किसानों ने चेतावनी दी है कि भूमि अधिग्रहण में किसान अपनी एक भी इंच भूमि नहीं देंगे। यदि प्रशासन द्वारा किसानों पर किसी तरह का दबाव बनाया जाता है तो उसका किसान जवाब देने के लिए तैयार हैं। जब तक यह अधिग्रहण की योजना रद्द नहीं होगी किसान लगातार धरना प्रदर्शन करते रहेंगे। वहीं किसानों ने जल्द ही धरना स्थल पर ही कई गांव के किसानों की एक बड़ी पंचायत के भी चेतावनी दी है। गौरतलब है कि प्रशासन ने पहले चरण में 200 हैक्टेयर जमीन औद्योगिक गलियारे के लिए चिन्हित की थी। जिसमें से अधिकतर जमीन के बैनामें करा लिए गए हैं। उसके बाद प्रशासन ने दूसरे चरण के लिए खड़खड़ी, छतरी और गोविंदपुर एवं खरखौदा की करीब 300 हेक्टेयर जमीन औद्योगिक गलियारे के लिए चिह्नित की थी। इस दूसरे चरण के अधिग्रहण का विरोध करते हुए किसान करीब एक वर्ष से लगातार छतरी मोड पर धरने पर बैठे हैं। इस मौके पर नीलू नागर, इंद्रमुनि त्यागी, राजकुमार, मामचंद नागर, अंकित प्रधान मौजूद रहे।